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Wednesday, August 12, 2015

how to take screenshot in windows 7


1. Press the "Print Screen" (Prt Sc) key on your keyboard. 

This will capture an image of your entire screen and copy it to the clipboard. The dimensions of the image will be the same as your desktop resolution. 

Take a Screenshot in Microsoft Windows Step 1 Version 4.jpg


2.  Open Paint by clicking the Start button , clicking All Programs, clicking Accessories, and then clicking Paint.



 
Take a Screenshot in Microsoft Windows Step 2 Version 3.jpg 
Paste the screenshot. 

 Once you’ve made the screenshot, you will need to paste it to a program in order to see it. The most common way to paste it is into a Paint file. This will allow you to save it as an image file that can be transferred to others. 
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Wednesday, August 5, 2015

How to Reset Android Phone

फैक्ट्री रिसेट
अगर आपका सैमसंग गैलेक्सी एस-6 या एस-6 एज धीमा चल रहा है या फिर आपको उसके परफॉरमेंस में कमी दिख रही है तो उसको रिसेट करना बहुत बढ़िया उपाय है।
फैक्ट्री रिसेट का मतलब होता है फ़ोन को वापस उसी स्थिति में ले जाना, जैसा वो पैकेट से निकालते वक़्त था।
फ़ोन पर जो भी डेटा है, सब कुछ, डिलीट हो जाएगा इसलिए उसे सबसे पहले सेव कर लें।
अगर सभी डेटा सेव कर लिया है तो सॉफ्ट रिसेट करना आसान है।
आपके स्क्रीन पर वार्निंग आएगी कि आपका डेटा मिट जाएगा। एक बार आप अपनी हामी भरेंगे तो फ़ोन फैक्ट्री रिसेट मोड में चला जाएगा।
हार्ड रिसेट
अगर फ़ोन का पासवर्ड आप भूल गए हैं तो हार्ड रिसेट के अलावा को विकल्प नहीं है।
सबसे पहले फ़ोन को ऑफ कीजिए। उसके बाद वॉल्यूम, होम और पावर बटन को एक साथ दबाकर रखिए। कुछ सेकेंड बाद एंड्रॉयड रोबोट आपके स्क्रीन पर आ जाएगा।
थोड़ी देर बाद फ़ोन का बूट मेन्यू इस्तेमाल कर सकेंगे। इसकी मदद से आप फ़ोन को फैक्ट्री रिसेट कर सकते हैं।
चूंकि इससे आपका सारा डेटा मिट जाएगा इसलिए आपको फैक्ट्री रिसेट के लिए हामी भरनी होगी।
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Friday, July 31, 2015

Android Awesome Tricks

1. "Never heard of her"
If you need to delete all mentions of ex-partners from your phone, the dictionary can be edited - go to Settings > Language and Keyboard > User Dictionary to clean up your typing history.
2. Speak the Queen's English
If you're fed up of the bizarre accent of the Maps Navigation voice, there's an English variant - go to Menu > Settings > Text to Speech > and tick the box to use your own settings. Now you're able to have an English accent. Much better for navigating the M25.
3. Delete fat Android apps
If you're running low on internal memory space, your apps can be sorted by size - and big ones binned to make space. Head off to Settings > Applications > Manage Applications and press Menu to filter them by memory use.
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Wednesday, July 22, 2015

Laptop की बैटरी लाइफ बढ़ाने के 6 Tips

लैपटॉप की बैटरी लाइफ बढ़ाने के 6 टिप्स
हम में से ज्यादातर लोग अपने लैपटॉप की बैटरी जल्द खत्म हो जाने से परेशान रहते हैं। आइए आपको बताते हैं लैपटॉप की बैटरी लाइफ बढ़ाने के 6 तरीके। आगे क्लिक करिए.
स्मार्टफोन की तरह लैपटॉप की स्क्रीन बैटरी का बड़ा हिस्सा खाती है। ब्राइटनेस लेवल कम से कम रखिए। अगर जरूरत न हो, तो कीबोर्ड की बैकलाइट भी ऑफ कर दीजिए।
यूएसबी पोर्ट में लगे एक्सटर्नल डिवाइसेज़ लैपटॉप की बैटरी से ही पावर लेते हैं। जरूरत न हो, तो इन्हें लैपटॉप से निकाल दीजिए।

लैपटॉप के ज्यादा गर्म होने की वजह से इंटरनल फैन्स को ज्यादा तेज चलता पड़ता है, जिससे बैटरी ज्यादा खर्च होती है। अधिकतर लैपटॉप कूलिंगपैड भी लैपटॉप से ही पावर लेते हैं। लैपटॉप को ठंडी जगह पर रखिए। कोशिश करिए कि लैपटॉप का ज्यादातर हिस्सा (खासकर निचला हिस्सा) हवा के संपर्क में रहे।
स्टैंडबाई की जगह अपने लैपटॉप को हाइबरनेट करिए। हाइबरनेशन में आपका लैपटॉप जस का तस रखते हुए स्लीप मोड में चला जाता है और बैटरी बचाता है।
विंडोज़ पर चलने वाले लैपटॉप में बिल्ट-इन पावर प्लान सेटिंग होती है। आप यहां कई चीजें चुन सकते हैं, जैसे कि डिस्प्ले, हार्ड डिस्क और यूएसबी पावर कब ऑफ हों।
बैटरी से जुड़े कई ऐप्लिकेशन मौजूद हैं। ये बैटरी डिस्चार्ज साइकल बताते हैं। ये सीपीयू और हार्डड्राइव का टेंपरेचर भी बताते हैं, जिससे ओवरहीटिंग का पता चलता है।
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Gmail पर गलत ईमेल भेज दिया? ऐसे रोकिए

कितनी ही बार हम ईमेल भेज देते हैं और उसके बाद जाकर याद आता है कि उसमें कुछ गड़बड़ हो गई या किसी की जगह किसी और को ईमेल भेज दिया। ऐसे वक्त ख्याल आता है कि काश ऐसा हो सकता कि हम गलत ईमेल को रोक सकते। जीमेल में आप ऐसा कर सकते हैं। हालांकि, बहुत लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। जीमेल यूजर्स ईमेल भेजने के कुछ समय तक अपने मेल को रोक सकते हैं। बस सेटिंग्स में जाकर इस फीचर को ऐक्टिवेट करने की जरूरत है। आगे बताए गए स्टेप्स को फॉलो करें और गलत मेल भेजे जाने से रोकें...

जीमेल खोलिए। अपनी स्क्रीन में दाईं तरफ ऊपर बने गियर बटन को क्लिक करें। यह गियर बटन आपकी गूगल प्लस प्रोफाइल इमेज के ठीक नीचे दिखाई देता है। इसके ड्रॉपडाउन मेन्यू में से सेटिंग्स चुनिए।
अब आपके सामने कई सारे टैब्ड ऑप्शन होंगे। इनमें से 'Labs' को चुनें और नीचे तक स्क्रॉल करें।
नीचे से तीसरे नंबर पर आपके पास 'Undo Send' का ऑप्शन आएगा। इसे इनेबल कर लें।
दाईं तरफ से स्क्रीन नीचे की ओर स्क्रॉल करें और सेव चेंजेस बटन पर क्लिक करें। लेकिन प्रक्रिया अभी खत्म नहीं हुई है, बाकी है...

सेव चेंजेस पर क्लिक करने के बाद, आप इनबॉक्स पर फिर से पहुंच जाएंगे। पहला स्टेप दोहराएं और सेटिंग्स के ऑप्शन पर जाएं।

आपके सामने डिफॉल्ट 'जनरल' टैब खुलेगा। टैब में नीचे स्क्रॉल करें और लगभग बीच में आपको 'Undo Send' का ऑप्शन मिलेगा। इसपर टिक मार्क लगा होगा जिससे पता चलता है कि आपका पहला ऑप्शन सेव है। इस टिक मार्क के ठीक नीचे आप खुद चुन सकते हैं कि एक भेजे गए मेल को रोकने के लिए 5 सेकंड से लेकर 30 सेकंड तक कितना समय चाहिए।

एक बार आपने अपना समय चुन लिया हो, तो नीचे की तरफ स्क्रॉल करें और 'सेव चेंजेस' क्लिक करें। अब आप ऊपर तय किए गए समय तक अपना मेल रोक सकते हैं।
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इंटरनेट पर कैसे share करें large files

अधिकतर लोगों को इंटरनेट पर बड़ी फाइल शेयर करना मुश्किल काम लगता है। फिल्म और बड़े डाक्युमेंट्स जैसी हेवी फाइल इंटरनेट पर शेयर करने में दिक्कत आती है। इस प्रॉब्लम से पार पाने के कुछ आसान तरीके बता रहे हैं करण बजाज। आगे क्लिक करिए...

Bayfiles.net
इस साइट पर आपकी अपलोडेड फाइल्स कितनी बार भी डाउनलोड करने की सुविधा है। इस पर 5GB तक की फाइल शेयर की जा सकती है। 30 दिन की इनऐक्टिविटी के बाद साइट आपकी फाइल हटा देती है।

Filedropper.com
इसे इस्तेमाल करना बहुत आसान है। इस साइट पर आपको किसी साइन-अप की जरूरत नहीं पड़ती और आप 5GB तक की फाइल्स अपलोड कर सकते हैं।

Slingfile.com
इस साइट में बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते लेकिन इसकी सर्विस आपको 50GB तक की फ्री अपलोडिंग की सुविधा देती है। इससे आप एक बार में कई फाइल्स भी अपलोड कर सकते हैं। फाइल्स 180 दिन की इनएक्टिविटी के बाद ही साइट से डिलीट होती हैं। अपलोडेड फाइल्स को जितना चाहें उतनी बार डाउनलोड करने की सुविधा भी है।

Yourfilelink.com
इस साइट के लिए भी साइन-अप करने की जरूरत नहीं पड़ती। आप 5 GB की फाइल्स अनलिमिचेड डाउनलोड की सुविधा के साथ शेयर कर सकते हैं। वैसे यह किसी फाइल को 15 दिन के बाद डिलीट कर देता है।

Filewire.me
यह वेबसाइट फाइल्स स्टोर करने के लिए ट्रांसफर करने की सुविधा देती है। आप बिना रजिस्टर किए 5GB जबकि फ्री अकांउट से 30 GB तक फाइल शेयर कर सकते हैं। फाइल्स 24 घंटे में ही हटा दी जाती हैं। आपको एक अलग आईडी दी जाती है जिसके जरिए दूसरे शेयर की गई फाइल्स डाउनलोड कर सकते हैं।

www.pipe.com
नाम के नए फ्री ऐप के जरिए आप अपने ऑनलाइन दोस्त से 1GB तक की फाइल शेयर कर सकते हैं। साथ ही ऑफलाइन दोस्तों के लिए आप 100MB तक की फाइल पाइप के क्लाउड स्टोरेज में सेव कर सकते हैं।

स्काइप के जरिए
स्काइप मेसेंजर पर बातचीत और वीडियो चैटिंग के अलावा इंस्टैंट मेसेज के जरिए फाइल्स भी शेयर की जा सकती हैं। इसके जरिए एक बार में 100MB तक की फाइल भेजी जा सकती है।

पर्सनल क्लाउड स्पेस
आप गूगल ड्राइव, ड्रॉपबॉक्स, बॉक्सडॉटनेट या स्काईड्राइव जैसी क्लाउड स्टोरेड साइट्स के जरिए भी चीजें शेयर कर सकते हैं। इसके लिए बस आपको फाइल या फोल्डर सेलेक्ट कर उसका ईमेल पता बताना होगा जिससे आप ये फाइल्स शेयर करना चाहते हैं।

नेटवर्क ड्राइव
WD मायबुक लाइव और सीगेट गोफ्लेक्स होम जैसे नेटवर्क ड्राइव डेटा बैकअप के साथ-साथ इंटरनेट पर फाइल्स ऐक्सेस करने के भी अच्छे ऑप्शन हैं। इसके लिए आप जिन फाइल्स को शेयर करना चाहते हैं, उनकी सेटिंग्स के जरिए उन्हें इंटरनेट पर ऐक्सेसिबल कर दें। फिर इन फाइल्स के लिंक और लॉग-इन डिटेल्स शेयर कर सकते हैं।
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इन Tools के जरिए Computer से मैनेज करें Android डिवाइस

ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन पर पड़े इतने सारे कॉन्टैक्ट, मेसेज और फाइलों को मैनेज करना काफी मुश्किल हो जाता है। जानिए कुछ फ्री टूल्स के बारे में, जिनके जरिए ऐंड्रॉयड को मैनेज करना बाएं हाथ का खेल बन जाएगा।
अगर अपने ऐंड्रॉयड डिवाइस को पीसी के जरिए मैनेज करना हो, तो एयरड्रॉयड-2 एक बेहतरीन ऐप है। भले ही आपका पीसी और स्मार्टफोन एक ही वाई-फाई नेटवर्क पर न हों, फिर भी आप ब्राउडर विंडो के जरिए अपने फोन को ऐक्सेस कर सकते हैं।
इसके जरिए आप आप SMS पढ़ और सेंड कर सकते हैं, इनकमिंग कॉल्स को रिजेक्ट कर सकते हैं, कॉन्टैक्ट्स को मैनेज कर सकते हैं, फाइल्स ट्रांसफर कर सकते हैं, ऐप इंस्टॉल और रिमूव कर सकते हैं, रिंगटोन बना सकते हैं और यहां तक कि अपने फोन को ढूंढ भी सकते हैं।
यही नहीं, आप अपने फोन के फ्रंट या रियर कैमरा की मदद से दूर बैठे लाइव फीड भी देख सकते हैं। इसके लिए न तो आपको अपने पीसी पर कोई ड्राइवर इंस्टॉल करने होंगे और न ही केबल कनेक्ट करनी होगी। 

2. Mobogenie
मोबोजीन सिर्फ विंडोज के लिए ही उपलब्ध है। इसका यूजर इंटरफेस काफी अच्छा है और आइकन भी बड़े हैं। इससे आप अपने फोन की स्टोरेज को ऐक्सेस करके मीडिया और फाइल्स को मैनेज कर सकते हैं। कॉन्टैक्टस और एसएमएस को भी मैनेज किया जा सकता है। आप कई सारे लोगों को फोन से पीसी के जरिए ही मेसेज भेज सकते हैं।
ऐप मैनेजर से आप से अपने डेस्कटॉप इंटरनेट कनेक्शन से गूगल प्ले से ऐप डाउनलोज करके फोन पर इंस्टॉल कर सकते हैं। इससे मोबाइल का डेटा चार्ज कम होगा। आप अपने पूरे ऐंड्रॉयड फोन का बैकअप पीसी पर ले सकते हैं, जिससे सॉफ्टवेयर में कोई दिक्कत होने या नए डिवाइस पर स्विच करने में मदद मिलती है। 

3. Moborobo
मोबोरोबो ऐंड्रॉयड और iOS दोनों तरह के डिवाइसेज को मैनेज कर सकता है। इसके जरिए आप आप अपने ऐंड्रॉयड डिवाइस में मौजूद कुल कॉन्टैक्ट्स, SMS और ऐप के नंबर देख सकते हैं। साथ ही मेन विंडो में फोन पर मौजूद मल्टि-मीडिया फाइल्स को भी देखा जा सकता है। बाकी बची बैटरी और स्टोरेज के बारे में भी इंडिकेशन मिल जाती है। आप पीसी के जरिए ही अपने डिवाइस का स्क्रीनशॉट लेकर उसे डेस्कटॉप पर सेव कर सकते हैं।
इसके जरिए आप SMS रीड और सेंड कर सकते हैं, ऐप रिमूव और इंस्टॉल कर सकते हैं और एक साथ कई डिवाइसेज के बीच डेटा ट्रांसफर कर सकते हैं। बैकअप फीचर भी है। 

4. MOBILedit! Lite
इस टूल का फ्री (लाइट) वर्ज़न लिमिटेड है और इसमें कुछ बेसिक फंक्शन ही परफॉर्म किए जा सकते हैं। आप केबल, वाई-फाई या ब्लूटूथ के जरिए अपने फोन को कनेक्ट कर सकते हैं।
इस मैनेजर से आप अपने डिवाइस की डीटेल्स देख सकते हैं, SMS रीड और सेंड कर सकते हैं, अपडेट इंस्टॉल कर सकते हैं और फाइल्स ट्रांस्फर कर सकते हैं।
पेड वर्जन से आप मोबाइल से डुप्लिकेट कॉन्टैक्ट्स हटा सकते हैं। यह अपने आप ही फोन का बैकअप भी ले लेता है। 

5. SnapPea
यह उन चुनिंदा मैनेजर्स में से है, जो विंडोज़ और मैक दोनों को सपोर्ट करता है। इसके कुछ ब्राउजर बेस्ड वर्जन भी हैं, जो AirDroid की तरह काम करते हैं।
आप इस ऐप को अपने फोन में इंस्टॉल करके वाई-फाई के जरिए अपने कंप्यूटर की ब्राउजर विंडो से फोन को ऐक्सेस कर सकते हैं। इससे आप ऐप इंस्टॉल और रिमूव कर सकते हैं, कॉन्टैक्ट एडिट कर सकते हैं, मेसेज सेंड/रिसीव कर सकते हैं और फाइल ट्रांसफर कर सकते हैं।
इसमें आईट्यून लाइब्रेरी से म्यूजिक इंपोर्ट करके सिंक करने की सुविधा भी मिलती है।

6. QtADB
यह ओपन सोर्स ऐंड्रॉयड मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर विंडोज, मैक और लिनक्स के लिए उपलब्ध है। इसका इंटरफेस बेहद बेसिक है, लेकिन इसके फीचर दूसरे टूल्स जैसे ही हैं।
कॉन्टैक्ट मैनेजमेंट, SMS रीड/सेंड करना, स्क्रीनशॉल टेना, डेटा ट्रांसफर और ऐप मैनेड करने जैसे कई कामों को अंजाम दिया जा सकता है।
जो बात इसे बाकियों से अलग करती है, वो यह कि इसके जरिए आप कनेक्ट किए गए ऐंड्रॉयड की रिकवरी के लिए कस्टम रोम को वाइव, रूट और लोड कर सकते हैं।
7. pocket.do
अगर आपको लगता है कि AirDroid थोड़ा मुश्किल है तो इसे यूज कीजिए।
यह भी ब्राउजर विंडो पर काम करता है और इसके लिए फोन और पीसी के एक ही वाई-फाई नेटवर्क पर होने की जरूरत नहीं है। इसमें गूगल या फेसबुक अकाउंट्स के जरिए डिवाइस को कनेक्ट करने का ऑप्शन भी है। या फिर ब्राउजर में दिए गए QR कोड को भी यूज किया जा सकता है, मगर इसके लिए अलग से बारकोड स्कैनर ऐप इंस्टॉल करना पड़ेगा।
एक बार कनेक्ट हो जाने के बाद आप कॉन्टैक्ट मैनेज कर सककते हैं, SMS सेंड/रिसीव कर सकते हैं और फोटो ट्रांसफर कर सककते हैं। इससे आप मैप में अपने डिवाइस को लोकेट कर सकते हैं और लॉक भी कर सकते हैं। मोबाइल के रियर कैमरा से लाइव फीड भी देखी जा सकती है। 

9. Teamviewer
पॉप्युलर रिमोट सपोर्ट सॉफ्टवेयर टीमव्यूअर सैमसंग ऐंड्रॉयड फोन्स को भी सपोर्ट करकता है।
इसके लिए सबसे पहले पीसी में टीम व्यूअर सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करना होगा। ऐंड्रॉइड डिवाइस में टीम व्यूअर क्विक सपोर्ट ऐप (TeamViewer quick support)से आप अपने सैमसंग डिवाइस को रिमोटली ऐक्सेस कर सकते हैं।
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कैसे करें DND में रजिस्ट्रेशन (How to register in DND in Hindi)

टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के अनुसार कोई भी मोबाइल या लैंडलाइन फोन इस्तेमाल करने वाला सब्स्क्राइबर अनचाहे कॉल और मेसेज को रोक सकता है।
इस तरह की परेशानी से बचने के लिए ट्राई ने दो तरह की ब्लॉक कैटिगरी बनाई हैं।
फुल ब्लॉक कैटिगरी
इस कैटिगरी में वे लोग अपना नंबर रजिस्टर करवा सकते हैं, जो किसी भी तरह की कमर्शल कॉल रिसीव नहीं करना चाहते। वह 1909 पर कॉल या 'START 0' मेसेज कर सकते हैं।
अगर आपको किसी खास कैटिगरी के मेसेज और कॉल चाहिए, तो वह इस ऑप्शन को चुन सकता है। फिलहाल ऐसी 7 कैटिगरी हैं।
1. बैंकिंग, इंश्योरेंस,फाइनैंशल प्रॉडक्ट्स और क्रेडिट कार्ड
2. रीयल एस्टेट
3. एजुकेशन
4. हेल्थ
5. कस्टमर गुड्स और ऑटोमोबाइल
6. कम्यूनिकेशन, ब्रॉडकास्टिंग, मनोरंजन और आईटी
7. टूरिज्म
आपको जिन कैटिगरी से जुड़े कमर्शल कॉल और मेसेज चाहिए, तो START के बाद उस कैटिगरी का नंबर डाल कर 1909 पर मेसेज करें। जैसे अगर आपको हेल्थ और ऑटोमोबाइल पर सर्विस चाहिए तो लिखें 'START 45' और 1909 पर भेजें। अब आपको इनके अलावा दूसरी तरह के एसएमएस नहीं आएंगे। रजिस्ट्रेशन सफल होने पर 24 घंटे के अंदर आपको एक यूनीक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा। इसके प्रभावी होने में 7 दिन का समय लगता है। अपने नंबर का स्टेटस http://www.nccptrai.gov.in/nccpregistry/search.misc पर जाकर देखें।
कैसे करें शिकायत
रजिस्टर करने के 7 दिन बाद भी अगर कोई कमर्शल कॉल या मेसेज आता है, तो 1909 पर इसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
कॉल करके शिकायत करें
आप 1909 पर कॉल करें और वॉइस रिस्पॉन्स सिस्टम को फॉलो करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें, तो कस्टमर एग्जेक्युटिव से बात करके भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
मेसेज करके शिकायत करें
1909 पर एक सेट फॉर्मैट में मेसेज करके भी आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फॉर्मैट इस तरह से है:
"COMP TEL NO XXXXXXXXXX, dd/mm/yy, Time hh:mm"
इसमें XXXXXXXXXX का मतलब वह नंबर है, जहां से इस तरह के कॉल आ रहे हैं। आपको कंप्लेंट दर्ज हो जाने की जानकारी एक यूनीक कंप्लेंट नंबर के मेसेज से दे दी जाएगी। शिकायत के 7 दिन के अंदर आपको शिकायत पर कार्रवाई की सूचना दी जाएगी।
डीएनडी कैसे बन जाता है नॉन डीएनडी
- आप जानकारी देने वाली किसी वेबसाइट से मदद मांगते हैं, तो आपको एसएमएस पर जानकारी लेने से पहले अपने नंबर को नॉन डीएनडी में कन्वर्ट कराना पड़ता है।
- कई वेबसाइट सब्स्क्राइब करते ही आपका नंबर नॉन डीएनडी में खुद ही कन्वर्ट कर देती हैं।
- अगर आपने किसी वेबसाइट के जरिए जानकारी लेने या कुछ खरीदने की कोशिश की है, तो वह आपका नंबर वेंडरों से बिना पूछे भी इन कंपनियों को दे देती हैं।
- अपना नंबर पोस्टपेड से प्रीपेड और प्रीपेड से पोस्टपेड कनवर्ट कराने पर भी आपको दोबारा डीएनडी में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है।
ऐसे सुधरेंगे हालात
ट्राई के पूर्व प्रमुख नृपेंद मिश्रा ने कुछ सुझाव दिए, जो इस समस्या से निजात दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं:
- ट्राई लगातार ऐसे नंबरों का सर्वे-सैंपलिंग करे और समय-समय पर टेलिकॉम कंपनियों को ऐक्शन लेने के लिए कहे।
- ऐक्शन लेने की समय सीमा निर्धारित की जाए।
- कंपनियों पर भी ऐक्शन न लेने पर पेनल्टी के अलावा और ऐक्शन लेने के विकल्पों पर विचार किया जाए।
- प्रमोशनल मेसेज करवाने वाले कस्टमर यानी थर्ड पार्टी पर भी जिम्मेदारी डालने के लीगल विकल्पों के बारे में सोचा जाए।
- टेलिकॉम कंपनियों को अपनी तरफ से भी कैंपेन चलाने चाहिए, जिससे लोग जागरुक होकर अधिक शिकायत करें।
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ऐसे मात दें Cyber जासूसों को

हाल में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन ने रहस्य से पर्दा उठाया था कि अमेरिकी नैशनल सिक्युरिटी एजेंसी (एनएसए) दुनिया भर के (भारतीयों समेत) आम लोगों की इंटरनेट ऐक्टिविटी पर नजर रखे हुए है। उनके ईमेल, चैट, स्काइप पर हुई बातचीत, इंटरनेट डेटा स्टोरेज वेबसाइटों पर रखी फाइलों और उनके पर्सनल डेटा को ऐक्सेस किया जा रहा है। हमारी सरकार भी सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएस) के नाम से अपने नागरिकों की इंटरनेट गतिविधियों की निगरानी का सिस्टम लाने जा रही है। और तो और बहुत से हैकर्स और क्रिमिनल्स की नजरें भी आपके संदेशों पर हो सकती हैं। कोई नहीं चाहेगा कि इंटरनेट ब्राउजर खोलने के बाद वह जो कुछ भी करता है, उस पर कोई लगातार नजर रखे। इस सबके बावजूद इस तरह की जासूसी से बचना और इंटरनेट पर अपनी प्राइवेसी को बनाए रखना असंभव नहीं है। जिन कंपनियों के डेटा की मॉनिटरिंग की जा रही है, उनसे दूर रहकर या फिर वेब पर अपने संदेशों को एनक्रिप्ट (गुप्त भाषा में बदल कर) करके आप खुफिया आंख से बच सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आप डट कर साइबर जासूसी का मुकाबला कर सकते हैं:

ईमेल सर्विस बदलें
1. अगर आपके लिए जीमेल, आउटलुक.कॉम (पहले लाइव और हॉटमेल) और याहूमेल की ईमेल सेवा की तुलना में अपनी प्राइवेसी अधिक जरूरी है, तो ऐसी ईमेल सेवाओं को अपना लीजिए जो आपकी गतिविधियों, लोकेशन आदि को नोट नही करतीं। नीचे दी गईं साइट्स आपके संदेशों को इस तरह से भेजती हैं कि वे जासूसों से सुरक्षित रहें। hushmail तो आपके मेसेज को एनक्रिप्ट (उलटी- पुलटी मशीनी भाषा में बदलकर) करके भेजती है।
http://www.gmx.com/
https://mail.riseup.net/
http://www.hushmail.com/

ईमेल एनक्रिप्ट करें
अगर आप जीमेल, आउटलुक.कॉम और याहूमेल के साथ ही बने रहना चाहते हैं, तो अपने ईमेल्स को एनक्रिप्ट करके भेजना और रिसीव करना शुरू करें। कम से कम ऐसे संदेशों को जरूर एनक्रिप्ट करें, जो गोपनीय हैं और आपके लिए बहुत जरूरी हैं।

डाउनलोड करें: NBT का ऐंड्रॉयड ऐप

कैसे करें एनक्रिप्शन
एनक्रिप्शन के लिए ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। एनक्रिप्शन साइट्स पर दिए गए बॉक्स में अपना संदेश डालें और उसे एनक्रिप्ट करने के लिए अपनी पसंद का पासवर्ड बताकर बटन दबाएं। संदेश के एनक्रिप्ट हो जाने पर उसे कॉपी कर सामान्य ईमेल से भेज दें। बाद में रिसीव करने वाले को वही पासवर्ड बता दें। वह मेसेज को एनक्रिप्शन वाली वेबसाइट पर पेस्ट करने के बाद डिक्रिप्ट करके पढ़ सकेगा। कुछ एनक्रिप्शन साइट्स हैं -

http://infoencrypt.com/
http://www.everpassword.com/aes-encryptor
https://encipher.it/

गुमनाम ईमेल
कोई सीक्रेट मेल भेजने के लिए अपनी ईमेल सर्विस के बजाय ऐसी ईमेल सर्विस का इस्तेमाल करें, जो ईमेल अकाउंट बनाए बिना ही संदेश भेजने की सुविधा देती है। यहां आपकी पहचान, लोकेशन आदि दर्ज नहीं होती, इसलिए प्राइवेसी बनी रहती है। अपनी इंटरनेट सिक्युरिटी को और पुख्ता करना चाहते हैं, तो पहले अपने मेसेज को ऊपर बताए वेब पेजों पर एनक्रिप्ट कर लें और फिर इन ईमेल सेवाओं के जरिए भेजें। ऐसी कुछ ईमेल सर्विसेज़:

http://anonymouse.org/
https://www.silentsender.com/
http://www.5ymail.com/

कुछ देर का ईमेल
कुछ वेबसाइट्स आपको अस्थायी ईमेल अकाउंट की सुविधा देती हैं, जो कुछ देर के लिए एक्टिव रहता है। जहां आने के बाद आप 10 मिनट तक जितने चाहें मेसेज भेजें और उसके बाद अकाउंट डिलीट हो जाता है। जब आप खुद ही नहीं जानते कि आपका अकाउंट कहां गया, तो किसी और के लिए उसे खोजना नामुमकिन है। ऐसी ही एक ईमेल सर्विस है http://10minutemail.com

पर्सनल सर्वर
यदि आप कोई इंस्टिट्यूट चलाते हैं, जिसमें कई लोगों के ईमेल अकाउंट मौजूद हैं तो फ्री वेब मेल सर्विस के बजाय पर्सनल ईमेल सर्वर भी स्थापित कर सकते हैं, ताकि आप के सभी ईमेल मेसेज हिफाजत में रहें।

अगर न अपना सकें ये ऑप्शंस
यदि आप इनमें से किसी ऑप्शन को आजमाने की स्थिति में नहीं हैं, तो कम से कम अपने ईमेल मेसेज्स को जीमेल और याहूमेल के सर्वर पर स्टोर रखने के बजाय कंप्यूटर में डाउनलोड करना शुरू करें। यह पूरी तरह सुरक्षित तो नहीं है, लेकिन एकदम असुरक्षित होने से बेहतर है। ईमेल को डाउनलोड करने के लिए ईमेल क्लाइंट सॉफ्टवेयर का प्रयोग करें, जैसे विंडोज लाइव मेल, आउटलुक, मोजिला थंडरबर्ड आदि। ये सभी फ्री डाउनलोड किए जा सकते हैं।

क्लाउड भी नहीं है सेफ
आज-कल बहुत से लोग अपनी निजी फाइलों को माइक्रोसॉफ्ट स्काईड्राइव, गूगल ड्राइव, ड्रॉप बॉक्स आदि क्लाउड स्टोरेज वेबसाइटों पर सहेज कर रखते हैं। लेकिन यहां रखी पर्सनल और गोपनीय सामग्री तक सिर्फ उन्हीं की पहुंच हो, ऐसा नहीं है। एनएसए जैसी एजेंसियां जब चाहें इन्हें खंगाल सकती हैं। इन पर सहेजी जानेवाली सामग्री को एनक्रिप्ट करने के लिए http://www.cloudfogger.com/ से फ्री सॉफ्टवेयर इन्स्टॉल कर सकते हैं। आपके कंप्यूटर में इन्स्टॉल होने के बाद यह हर उस फाइल को 256 बिट एईएस पद्धति से एनक्रिप्ट कर देगा, जिसे आप क्लाउड स्टोरेज वेबसाइटों पर रखना चाहते हैं। इसी की मदद से उन्हें वापस डिक्रिप्ट करके आप इस्तेमाल कर सकते हैं। वैसे ही, जैसे जिप और अनजिप का प्रयोग करते हैं। ऐसी फाइलों को कोई अन्य शख्स डाउनलोड कर भी ले, तो पढ़ नहीं सकता।

इन्स्टैंट मेसेजिंग और विडियो चैट
गूगल चैट, स्काइप और गूगल टॉक जैसे सॉफ्टवेयर और सर्विसेज़ में प्राइवेसी सुरक्षित नहीं है, तो कोई बात नहीं। पियर-टु-पियर एनक्रिप्टेड विडियो कॉल्स के लिए स्काइप के बजाए जिट्सी (https://jitsi.org/) को डाउनलोड कर इस्तेमाल किया जा सकता है, जो किसी भी तरह की ताक-झांक के खतरे से फ्री है।

इसी तरह इन्स्टैंट मेसेजिंग के लिए एकदम सुरक्षित, फ्री चैट क्लाइंट पिडगिन (http://pidgin.im/) का इस्तेमाल करें जो सेफ तो है ही, ढेरों चैट सॉफ्टवेयर्स (गूगल टॉक, आइसीक्यू, एमएसएन, याहू आदि) का प्रयोग करने वाले यूजर्स के साथ चैट करने की सुविधा भी देता है। ऐसे ही कुछ और सॉफ्टवेयर हैं- http://bitwiseim.com/ और http://projectscim.com/

हमेशा रहें अलर्ट
- अपने कंप्यूटर में अच्छा ऐंटि-वायरस और ऐंटि-स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर (जैसे नॉर्टन, मैकेफी, कैस्परस्की, ट्रेंड माइक्रो आदि) इन्स्टॉल करके रखें और अपडेट करते रहें। फ्री उपलब्ध अवास्ट (http://www.avast.com)भी बहुत अच्छा ऐंटि-वायरस है।

- इंटरनेट यूज़ करते समय ब्राउजर में मौजूद प्राइवेसी सुविधा का प्रयोग करें। प्राइवेट ब्राउजिंग से विजिट किए गए इंटरनेट ठिकानों का ब्योरा कंप्यूटर में सेव नहीं किया होता।
क्रोम में Tools->New Incognito Window
इंटरनेट एक्स्प्लोरर में Safety->In-Private Browsing
फायरफॉक्स ब्राउज़र में ​File>New Private Window

-स्थायी रूप से ब्राउजर हिस्ट्री डिलीट करने का ऑप्शन भी अच्छा है। उन्हीं वेबसाइट्स का इस्तेमाल करें जो सिक्योर सर्वर लेयर (SOL) का प्रयोग करती हैं। इनमें डेटा फ्लो एनक्रिप्टेड तरीके से होता है। ऐसी वेबसाइट्स के वेब एड्रेस की शुरुआत https:// से होती है, http:// से नहीं, जो सामान्य वेबसाइट्स पर इस्तेमाल होता है।

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Monday, July 20, 2015

Important काम के हैं ये free software

विंडोज पर काम करते समय कई बार ऐसा लगता है कि यह काम करने के लिए कोई सॉफ्टवेयर होता तो कितना अच्छा होता। जैसे हार्ड-डिस्क भर गई है, उसमें एक जैसी फाइलें और फोल्डर्स कई जगहों पर कॉपी हो गई हैं और आप सिर्फ एक कॉपी रखकर बाकी सबको डिलीट करना चाहते है। फाइलों की लंबी लिस्ट में हर एक का साइज और तारीख देखकर उनमें से अपने काम की फाइल को ढूंढना कोई आसान काम नहीं है। क्या ऐसा किसी सॉफ्टवेयर की मदद से संभव है? इसी तरह, आपके सीडी-डीवीडी राइटर के सॉफ्टवेयर की ऑरिजिनल सीडी खो गई है और नई खरीदने के मूड में नहीं हैं। क्या सीडी-डीवीडी राइटिंग के लिए उतना ही अच्छा कोई मुफ्त सॉफ्टवेयर मिल सकता है? इन सबके लिए कुछ बहुत अच्छे फ्री सॉफ्टवेयर्स उपलब्ध हैं। ये आपके समय की बचत के साथ-साथ काम को आसान भी बनाते हैं। पेश हैं कुछ यूजफुल टूल्स।
7 Zip (फाइल कंप्रेशन)
Egor Pavlov का 7 Zip पावरफुल फ्री जिपिंग सॉफ्टवेयर यूज करने के लिए एक अच्छा ऑप्शन है। यह कई तरह के जिप फॉरमेट (जैसे Rar U, Cab , Zip , WinZip , 7 z आदि) को खोल सकता है और Zip और 7 z फॉरमेट में फाइलें कंप्रेस कर सकता है। 7 z फॉरमेट में कंप्रेस्ड फाइलें जिप से छोटी होती हैं और स्पेस बचाती हैं। इतना ही नहीं, इसमें एनक्रिप्शन की सुविधा भी है। इसे यूज करने के लिए फाइल या फोल्डर्स पर राइट क्लिक करके Context मेन्यू खोलें और 7 Zip के साथ दिए ऑप्शन का यूज करें। 7 Zip यहां से डाउनलोड कर सकते हैं - sourceforge.net/projects/sevenzip
CDBurnerXP (सीडी-डीवीडी बर्निंग)
यह Nero सॉफ्टवेयर की तरह ही पावरफुल है। यह cdburnerxp.se पर फ्री उपलब्ध है। इसकी बाकी खूबियों में बूटेबल डिस्क क्रिएशन, ऑडियो सीडी बर्निंग, बर्न की गई सीडी-डीवीडी में बाद में और फाइलें जोड़ने और आईएसओ फाइलें बनाने की क्षमता आदि शामिल हैं। आईएसओ फाइलें बहुत सारी फाइल्स और फोल्डर्स को एक साथ एक ही फाइल के रूप में सहेज कर रख सकती हैं और आप चाहें तो उन्हें उसी तरह सीडी या डीवीडी पर ट्रांसफर भी कर सकते हैं। यह सॉफ्टवेयर ऑडियो फाइलों को सुनने और आपकी कॉम्पेक्ट डिस्क के कवर प्रिंट करने की सुविधा भी देता है।
Eraser (परमानेंट फाइल डिलीट)
विंडोज में डिलीट की गई फाइलें डिलीट होने के बाद भी आपकी हार्ड डिस्क में मौजूद रहती हैं। शिफ्ट और डिलीट की को दबाकर डिलीट की गई फाइलें भी पूरी तरह सिस्टम से नहीं जातीं। वे तभी डिलीट होती हैं जब उनके स्पेस की जरूरत किसी दूसरी सामग्री को स्टोर करने के लिए पड़ती है। लेकिन अपनी जरूरी इंफर्मेशन और डेटा आदि से जुड़ी फाइलों को डिलीट करने के बाद आप नहीं चाहेंगे कि वे सिस्टम में मौजूद रहें और कोई दूसरा उन्हें किसी डेटा रिकवरी सॉफ्टवेयर की मदद से फिर रिस्टोर कर ले। ऐसी में आप eraser.heidi.ie की मदद ले सकते हैं जो आपकी सामग्री को हमेशा के लिए डिलीट कर देता है।
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अपनी Pen-drive के Background पर अपनी पसंद का wallpaper लगाना

आज मै आपको बताता हु कि कैसे आप अपनी Pen-drive के Background पर अपनी पसंद का कोई भी फ़ोटो, वॉलपेपर लगा सकते है!
सबसे पहली आप Notepad खोलिए और निचे दिया गया कोड उसमे कॉपी करके पेस्ट कर दीजिये!

[.ShellClassInfo]
IconFile=%SystemRoot%\system32\SHELL32.dll
IconIndex=127
ConfirmFileOp=0
[{BE098140-A513-11D0-A3A4-00C04FD706EC}]
Attributes=1
IconArea_Image=“YourPictureName.jpg”
IconArea_Text=”0xFFFFFF”
VeBRA sources – don’t delete the tag above, it’s there for XXXXX purposes -
[ExtShellFolderViews]
{BE098140-A513-11D0-A3A4-00C04FD706EC}={BE098140-A513-11D0-A3A4-00C04FD706EC}
{5984FFE0-28D4-11CF-AE66-08002B2E1262}={5984FFE0-28D4-11CF-AE66-08002B2E1262}
[{5984FFE0-28D4-11CF-AE66-08002B2E1262}]
PersistMoniker=Folder.htt
PersistMonikerPreview=%WebDir%\folder.bmp

अब Notpad कि फ़ाइल को desktop.ini नाम से डेस्कटॉप पर Save कर दीजिये इसके बाद जिस फ़ोटो, वॉलपेपर को आप अपना Background बनाना चाहते है उसको भी Desktop पर सेव कीजिये!
अब Notepad कि फ़ाइल को दोबारा से Open कीजिये और जहा IconArea_Image=“YourPictureName.jpg” लिखा हुवा है वहाँ अपने फ़ोटो या वॉलपेपर का नाम लिख दीजिये!
उदहारण के लिए जैसे आपकी इमेज का नाम vijay है तो आप IconArea_Image= vijay.jpg लिखकर सेव कर दीजिये!

अब आप Notepad कि फ़ाइल और अपनी इमेज को अपनी Pen-drive के अंदर कॉपी करके पेस्ट कर दीजिये और राईट क्लिक करके Refresh कीजिये बस आप दखेंगे कि आपकी Pen-drive का Background बदल गया होगा!

इसी तरह आप अपने My Computer कि Disk C, D, E, F का भी Background बदल सकते है!

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Free best and important software 9, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त

Unlocker

विंडोज़ पर कई बार आप किसी फाइल को डिलीट करने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसा हो नहीं पाता। विंडोज़ से मेसेज बॉक्स उभरता है कि यह फाइल इस या उस वजह से डिलीट नहीं की जा सकती। अनलाकर सॉफ्टवेयर की मदद से आप ऐसी ढीठ फाइलों से मुक्ति पा सकते हैं। यह पहले उन्हें अनलॉक करेगा और फिर आपसे पूछेगा कि क्या आप इसे डिलीट करना चाहते हैं? आपने हां किया नहीं कि फाइल डिलीट।

डाउनलोड पता: http://lockhunter.com/

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Free best and important software 8, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त

FontViewOK

अगर आपने भी फॉन्ट्स का अच्छा-खासा कलेक्शन बना लिया है और अपने डॉक्युमेंट्स में आकर्षक फॉन्ट्स का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, तो सही वक्त पर सही फॉन्ट चुनने में खासी मशक्कत करते होंगे। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में फॉन्ट्स के नामों के साथ-साथ उनके डिजाइनों पर एक नजर डालने की व्यवस्था है, लेकिन इसमें और कोई फीचर्स नहीं हैं। जबकि इस सॉफ्टवेयर में आप अपनी पसंद का कोई भी टेक्स्ट अलग-अलग फॉन्ट्स में देखकर उनके बीच तुलना भी कर सकते हैं। इसके लिए सॉफ्टवेयर में दो अलग-अलग विंडोज़ भी बनाने की सुविधा है। एक तरफ एक फॉन्ट का टेक्स्ट और दूसरी तरफ दूसरे फॉन्ट का टेक्स्ट देखकर आप अपनी पसंद के फॉन्ट का चुनाव बेहतर ढंग से कर पाएंगे। इस सॉफ्टवेयर को पहली बार इस्तेमाल करते समय आपको अपने फॉन्ट्स की लोकेशन बतानी होती है, जो ज्यादातर विंडोज कंप्यूटरों में C:\Windows\Fonts होती है।

डाउनलोड पता : softwareok.com

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Free best and important software 7, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त

Stickies

जॉर्न सॉफ्टवेयर का स्टिकी असल में स्टेशनरी की दुकान पर मिलने वाले पीले रंग के स्टिकी नोट्स (पोस्ट इट) पर आधारित है। अगर आप भी अधूरे पड़े कामों, जरूरी तारीखों, बैठकों आदि को भूल जाते हैं तो यह सॉफ्टवेयर इस समस्या को हल करने में मदद करेगा। आम सॉफ्टवेयर्स के उलट, स्टिकीज के जरिए बनी फाइलों को अलग से खोलने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि वे खुली हुई ही कंप्यूटर मॉनिटर की स्क्रीन पर चिपकी रहती हैं, मानो मॉनिटर पर जरूरी कामों की सूची लिखकर चिप्पी चिपका दी हो। इन चिप्पियों को आसानी से इधर-उधर खिसकाया, मिनीमाइज या बंद भी किया जा सकता है। आप उन्हें हमेशा खुला न रखना चाहें तो बंद कर दें और हर हफ्ते, महीने या तीन महीने में दिखाई देने की सेटिंग कर दें। दो बजे की बैठक की सूचना डेढ़ बजे चाहिए, तो डेढ़ बजे का वक्त तय कर दें, वह समय आते ही स्टिकी नोट स्क्रीन पर उभर जाएगा। यह सॉफ्टवेयर इन्स्टॉल करने के बाद आपको न किसी की बर्थडे भूलने की जरूरत रहेगी और न ही जरूरी काम।

डाउनलोड पता: zhornsoftware.co.uk/stickies

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Free best and important software 5, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त

Update Checker

ज्यादातर सॉफ्टवेयर कंपनियां अपने प्रॉडक्ट्स के नए-नए वर्जन और अपडेट जारी करती हैं, लेकिन बहुत कम यूजर बार-बार उनकी वेबसाइट्स पर जाकर देखने का वक्त निकाल पाते हैं। इस लिहाज से Update Checker आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। यहां जाकर आप पता लगा सकते हैं कि आपकी जरूरत के सॉफ्टवेयर का कोई अपडेट तो नहीं आया।

डाउनलोड पता : filehippo.com/updatechecker

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Free best and important software 4, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त

Revo Uninstaller

अगर आप विंडोज में इन्स्टॉल किए गए किसी सॉफ्टवेयर को हटाना चाहते हैं, तो कंट्रोल पैनल में प्रोग्राम्स सेक्शन में जाकर उसे अनइन्स्टॉल कर सकते हैं। लेकिन इस प्रोसेस में उस सॉफ्टवेयर से जुड़ी हुई सारी फाइलें नहीं हटतीं, कुछ फिर भी बची रह जाती हैं। रेवो अनइन्स्टॉलर यह काम बखूबी करता है। वह ऐसे सॉफ्टवेयरों से जुड़ीं तमाम फाइलों, फोल्डरों और सेटिंग्स को मिटा देता है। इसका फ्री वर्जन एक महीने तक सभी फीचर्स के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। रेवो आपके कंप्यूटर के स्टार्ट-अप के वक्त शुरू हो जाने वाले अनचाहे सॉफ्टवेयरों को रोकने और डिलीट करने में भी सक्षम है।

डाउनलोड पता: revouninstaller.com

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Free best and important software 3, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त

Duplicate Files Searcher

अपनी फाइलों और फोल्डरों को सहेजने, बैक-अप लेने, दो कंप्यूटरों के बीच फाइलें लाते-ले जाते या कई बार कंप्यूटर फॉर्मैट करने के चलते आपके सिस्टम में कब एक ही फाइल की बहुत सारी कॉपीज़ हो जाती हैं, पता ही नहीं चलता। उनमें से कुछ बीच-बीच में एडिट भी हो जाती हैं, जबकि कुछ वैसी ही पड़ी रहती हैं। किसी समय जब एकदम सही फाइल की जरूरत पड़ती है, तो आप समझ ही नहीं पाते कि यह फाइल इस्तेमाल करें या वह। कौन-सी नई है, कौन-सी पुरानी, कौन-सी छोटी, कौन-सी बड़ी और कौन-सी सबसे ज्यादा अपडेटेड। इस समस्या का समाधान कर सकता है Duplicate Files Searcher, जो आपके सिस्टम में ड्यूप्लिकेट फाइलों को ढूंढता है, उनके बीच तुलना करता है, उन्हें खोलकर देखने का मौका देता है और गैरजरूरी फाइलों को डिलीट करने की सुविधा देता है। सब एक ही जगह से। सिर्फ हार्ड डिस्क ही क्यों, सीडी, पेन ड्राइव, डीवीडी आदि पर रखी फाइलों को भी यह दूसरी फाइलों के साथ कम्पेयर करके नतीजे दिखाता है। खास बात यह है कि अगर फाइलों के नाम अलग-अलग, मगर मैटर समान हो तो यह उसकी जानकारी भी दे सकता है।

डाउनलोड पता: tinyurl.com/3ubwjmg

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Free best and important software 2, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त

2. Malwarebytes

अगर आपको अपने कंप्यूटर में वायरस, स्पाइवेयर या किसी दूसरी किस्म की सिक्यॉरिटी समस्या के मौजूद होने का अंदेशा है, तो यह छोटा-सा टूल उसे दूर कर सकता है। अगर ऐसा नहीं भी है, तो इसे इन्स्टॉल करके आप भविष्य में वायरस, स्पाइवेयर या कीलॉगर जैसे खतरों से अपने कंप्यूटर को बचा सकते हैं। आकार में छोटा यह एक बहुत ही मजबूत सिक्यॉरिटी प्रोग्राम है, जो फ्री डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। अगर आपके सिस्टम में वायरस का इन्फेक्शन हो चुका है तो इसे किसी दूसरे सुरक्षित कंप्यूटर में डाउनलोड करें। इसके बाद इन्स्टॉलेशन फाइल को पेन ड्राइव में कॉपी कर लें और वहीं से डबल क्लिक करके इसे चलाएं। यह आपके सिस्टम में मौजूद मेलवेयर्स (नुकसानदेह सॉफ्टवेयर) का सफाया कर देगा। कई बार मेलवेयर प्रोग्राम इसे पहचानकर डिलीट करने की कोशिश भी कर सकते हैं, इसलिए सावधानी के तौर पर इसकी फाइल का नाम mbam.exe से बदलकर अपनी पसंद का कोई भी नाम कर लें। उसके बाद ही इसे चलाएं।

डाउनलोड पता: malwarebytes.org

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Sunday, July 19, 2015

How to Make folder without any name in hindi

बिना नाम के फोल्डर कैसे बनायें ?

 क्या ऐसा किया जा सकता है ?
बिलकुल आप ऐसा कर सकते हैं

पर कैसे ?
 
इसके लिए आपको एक Invisible Character चाहिए जो दिखाई नही देता । 

इस Character को टाइप करने के लिए आपको एक स्पेशल कोड की जरुरत पड़ेगी ।
अगर आप बिना नाम के फोल्डर बनाना चाहते हैं तो इसके लिए
सबसे पहले फोल्डर पर राईट क्लिक करें
और Rename चुने
अब Alt बटन दबाकर 0160 नंबर टाइप करें Enter दबाएँ .
ध्यान रहे नंबर टाइप करते समय Alt बटन दबाकर रखें .
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Android में ऐसे लें contacts का स्मार्ट backup

मोबाइल फोन ने जहां तमाम काम आसान किए हैं, वहीं एक काम मुश्किल भरा भी कर दिया है और वह है लोगों के फोन नंबर याद रखना। ऐसे में जब मोबाइल फोन गुम होता है, तो सबसे बड़ी चिंता कॉन्टैक्ट्स की ही होती है। लेकिन अगर आप थोड़ी सावधानी बरतें, तो मोबाइल फोन में मौजूद कॉन्टैक्ट्स के गुम हो जाने के बाद भी दुखी होने से बच सकते हैं। आप कॉन्टैक्ट्स का बैकअप रख सकते हैं। ऐंड्रॉयड फोन में मौजूद कॉन्टैक्ट्स लिस्ट को जीमेल पर ट्रांसफर किया जा सकता है और उसके बाद उसे लगातार सिंक्रनाइज़ (फोन में कॉन्टैक्ट्स में बदलाव से बैकअप में अपने आप बदलाव) किया जा सकता है। मोबाइल फोन पर अपने डेटा को एसडी कार्ड के जरिये भी सहेजा जा सकता है। एक बार अपने कॉन्टैक्ट्स को किसी दूसरे स्थान, मसलन क्लाउड (इंटरनेट) आदि में सहेजने के बाद आप बेफिक्र हो सकते हैं। हम आपको एक-एक स्टेप करके बता रहे हैं कि ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन में कॉन्टैक्ट्स का बैकअप कैसे लें...
गूगल अकाउंट में बैकअप

1. बैकअप अकाउंट तैयार करनाजब आप अपने स्मार्टफोन पर पहली बार बैकअप सुविधा का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको अपना बैकअप अकाउंट सेट-अप करना होता है।

- इसके लिए Settings>Personal>Backup and Reset में जाएं।
- यहां राइट में Backup and Reset संबंधी ऑप्शन दिखाई देंगे।
- यहीं दिखने वाले Backup Account ऑप्शन पर टैप करें।
- यहां आपसे पूछा जाएगा कि आपके ऐंड्रॉयड कॉन्टैक्ट्स का डेटा इंटरनेट पर किस ईमेल अड्रेस में सहेजा जाना चाहिए।
- Add Account पर क्लिक करें।
- नया पेज Add a Google Account खुलेगा, जहां आप अपने पहले से मौजूद जीमेल या गूगल अकाउंट को चुन सकते हैं या नया अकाउंट बना सकते हैं।
- अब अपने अकाउंट में लॉग-इन (साइन-इन) करें। इसके लिए आपको ईमेल अड्रेस और पासवर्ड डालना होगा।
- अब नीचे दिए राइट साइड में तीर निशान पर टैप करें।
- इससे पहली बार सिंक्रनाइज़ेशन शुरू हो जाएगा।
- अगले पेज पर आपको बैकअप और रिस्टोर संबधी कुछ जरूरी सूचनाएं दिखाई जाएंगी। यहां राइट साइड वाले तीर निशान पर टैप करें। आपका गूगल अकाउंट ऐंड्रॉयड डेटा के बैकअप के लिए पूरी तरह तैयार है।
2. बैकअप के लिए जरूरी सेटिंग्स
ऐंड्रॉयड डिवाइस पर आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट को इंटरनेट पर मौजूद आपके गूगल अकाउंट में आसानी से सहेजना संभव है। बाद में जब भी ज़रूरत पड़े, इन्हें अपने किसी भी ऐंड्रॉयड फोन में लाया जा सकता है। इसके लिए:
1. अपनी ऐंड्रॉयड डिवाइस पर सेटिंग्स में जाएं।
2. अब पर्सनल सेक्शन में देखें।
3. यहां बैकअप ऐंड रिसेट विकल्प दिखाई देगा। इसे क्लिक करें।
4. दाईं तरफ बैकअप माई डेटा दिखेगा। इसके सामने दिए चौकोर बॉक्स (ऑप्शन बॉक्स) को देखें।
5. हो सकता है कि यहां पर पहले से ही सही का निशान लगा हो, यानी यह पहले से ही सक्रिय हो।
6. यदि बॉक्स पर सही का निशान नहीं लगा है, तो यहां पर उंगली से टैप करके इसे सक्रिय कर दें।
7. याद रखें कि ऐसा करने से पहले आपकी ऐंड्रॉयड डिवाइस आपके गूगल अकाउंट से जुड़ी होनी चाहिए। आमतौर पर स्मार्टफोन खरीदने के बाद शुरुआत में ही आपसे अपना जीमेल या गूगल अकाउंट डालने के लिए कहा जाता है।
8. चाहें तो बैकअप ऐंड रिसेट सेक्शन में ही देख सकते हैं कि ऐंड्रॉयड डिवाइस किस गूगल अकाउंट से जुड़ा है और आपका बैकअप डेटा कहां सहेजा जाएगा।
9. आपने जिस बॉक्स को टिक करके सक्रिय किया था, उसके नीचे ही बैकअप अकाउंट नामक सूचना दिखाई देगी।
10. इसके नीचे दिए ऑटोमैटिक रिस्टोर बटन पर टिक कर दें। भविष्य में अगर आपका ऐंड्रॉइड डिवाइस बदलता है, तो इंटरनेट पर मौजूद गूगल अकाउंट से आपके कॉन्टैक्ट्स खुद-ब-खुद ऐंड्रॉयड फोन में आ जाएंगे।
3. यूं सिंक्रनाइज़ होते रहेंगे कॉन्टैक्ट्स
आपके कॉन्टैक्ट्स सिंक्रनाइज़ हों, इसे सुनिश्चित करने के लिए:
1. अपने फोन की सेटिंग्स में Accounts में जाएं।
2. यहां Google पर क्लिक करें।
3. दाईं तरफ आपके ऐंड्रॉयड डेटा और गूगल अकाउंट के बीच सिंक्रनाइज़ेशन की स्टेटस दिखाई जाएंगी। यदि सिंक्रनाइज़ेशन बंद है, तो उसे चालू करने के लिए लिंक पर क्लिक करें।
4. अब दाईं तरफ कई विकल्प खुलेंगे। इनमें ऐप डेटा से लेकर गूगल की कई सुविधाओं से जुड़े लिंक दिखाई देंगे।
5. इनमें से सिंक कॉन्टैक्ट्स लिंक पर क्लिक करें।
6. सिंक्रनाइज़ेशन की प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाएगी।

4. इंटरनेट अकाउंट में जांच
इंटरनेट पर अपने गूगल अकाउंट में जाकर देखें कि आपके ऐंड्रॉयड फोन के कॉन्टैक्ट्स वहां पर अपडेट हुए हैं या नहीं। अगर ऐसा नहीं हुआ है तो अपडेशन की शुरुआत करनी होगी। इसके लिए :
1. अपना जीमेल अकाउंट खोलें।
2. वहां लेफ्ट साइड में Google लिखा है, उसके ठीक नीचे Gmail लिखा दिखाई देगा।
3. इसी लिंक Gmail पर क्लिक करें तो कुछ और ऑप्शन दिखेंगे।
4. इनमें से Contacts पर क्लिक करें।
5. इससे नया पेज खुलेगा।
6. अगर आप पहली बार अपने कॉन्टैक्ट्स को देखने जा रहे हैं, तो आपसे इसकी इजाजत ली जाएगी। आपसे पूछा जाएगा कि क्या आपका फोन नंबर भारत का है? वहां Accept लिंक पर क्लिक करें।
7. अब लेफ्ट साइड में Contacts के नीचे My Contacts पर क्लिक करें। आपके ऐंड्रॉयड कॉन्टैक्ट्स की लिस्ट दिखाई देगी।
जब भी आपका ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन बदलेगा और वहां आप यह गूगल अकाउंट डालेंगे तो कॉन्टैक्ट्स की यह सूची खुद-ब-खुद आपके ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन में आ जाएगी।
5. नए स्मार्टफोन में कॉन्टैक्ट्स लाएं
इतने स्टेप्स के बाद आपके ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन में मौजूद सभी कॉन्टैक्ट्स इंटरनेट पर आपके गूगल अकाउंट में भी सहेज दिए गए हैं। दोनों एक जैसे हैं और चूंकि आपने पहले ऑटोमैटिक सिंक्रनाइज़ ऑप्शन ऐक्टिव कर लिया था, इसलिए भविष्य में फोन के कॉन्टैक्ट्स लगातार इंटरनेट पर अपडेट होते रहेंगे।
नया ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन इस्तेमाल करने पर जब आप पहली बार अपने गूगल अकाउंट को ऐक्टिव करते हैं, तो इंटरनेट से सभी डेटा खुद-ब-खुद फोन में डाउनलोड हो जाने चाहिए। नहीं होते तो आप मैनुअली कर सकते हैं। नए फोन पर कॉन्टैक्ट डेटा वापस लाने हों तो यह प्रक्रिया अपनाएं:

1. अपने ऐंड्रॉइड फोन पर Settings पर टैप करें।
2. अब Accounts में Google पर जाएं।
3. राइट साइड में आपका गूगल अकाउंट दिखाई देगा। इसके नीचे लिखा होगा कि आपके कॉन्टैक्ट्स का सिंक्रनाइज़ेशन स्टेटस क्या है। इस पर क्लिक करें।
4. राइट साइड में कुछ नए विकल्प खुलेंगे।
5. इनमें से Sync Contacts पर टैप करें। डेटा सिंक्रनाइज़ हो जाएगा, जिसका मतलब यह हुआ कि इंटरनेट पर मौजूद कॉन्टैक्ट लिस्ट की कॉपी जस की तस नए ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन पर आ जाएगी।
सिम कार्ड या एसडी कार्ड में बैकअप
- अपने ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन पर कॉन्टैक्ट्स की सूची खोलिए। यहां मेन्यू बटन दबाइए और फिर दिखने वाले कई विकल्पों में से More विकल्प को चुनिए।
- यहां आपको इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक कीजिए। आपसे पूछा जाएगा कि आप अपनी कॉन्टैक्ट्स लिस्ट को कहां सहेजना चाहते हैं। सिम कार्ड में या फिर एसडी कार्ड में। सिम कार्ड्स में सीमित संख्या में ही कॉन्टैक्ट्स सहेजे जा सकते हैं। एसडी कार्ड में स्पेस ज्यादा होता है इसलिए संभव है कि आपके सारे कॉन्टैक्ट्स उसमें आसानी से आ जाएं।
- भले ही आप दोनों में से किसी भी ऑप्शन का चुनाव करें, आपकी सूचनाएं हमेशा के लिए सुरक्षित हो गई हैं। आप चाहें तो एसडी कार्ड से इन सूचनाओं को किसी कार्ड रीडर की मदद से अपने लैपटॉप या डेस्कटॉप कंप्यूटर में ट्रांसफर भी कर सकते हैं। इसी तरह, सिम कार्ड में मौजूद कॉन्टैक्ट्स को भी स्मार्टफोन के साथ आने वाले मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर या किसी ऐप की मदद से कंप्यूटर में ट्रांसफर किया जा सकता है।
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