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Wednesday, August 12, 2015
how to take screenshot in windows 7
Wednesday, August 5, 2015
How to Reset Android Phone
Friday, July 31, 2015
Android Awesome Tricks
Wednesday, July 22, 2015
Laptop की बैटरी लाइफ बढ़ाने के 6 Tips
Gmail पर गलत ईमेल भेज दिया? ऐसे रोकिए
एक बार आपने अपना समय चुन लिया हो, तो नीचे की तरफ स्क्रॉल करें और 'सेव चेंजेस' क्लिक करें। अब आप ऊपर तय किए गए समय तक अपना मेल रोक सकते हैं।
इंटरनेट पर कैसे share करें large files
इस साइट पर आपकी अपलोडेड फाइल्स कितनी बार भी डाउनलोड करने की सुविधा है। इस पर 5GB तक की फाइल शेयर की जा सकती है। 30 दिन की इनऐक्टिविटी के बाद साइट आपकी फाइल हटा देती है।
इसे इस्तेमाल करना बहुत आसान है। इस साइट पर आपको किसी साइन-अप की जरूरत नहीं पड़ती और आप 5GB तक की फाइल्स अपलोड कर सकते हैं।
इस साइट में बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते लेकिन इसकी सर्विस आपको 50GB तक की फ्री अपलोडिंग की सुविधा देती है। इससे आप एक बार में कई फाइल्स भी अपलोड कर सकते हैं। फाइल्स 180 दिन की इनएक्टिविटी के बाद ही साइट से डिलीट होती हैं। अपलोडेड फाइल्स को जितना चाहें उतनी बार डाउनलोड करने की सुविधा भी है।
इस साइट के लिए भी साइन-अप करने की जरूरत नहीं पड़ती। आप 5 GB की फाइल्स अनलिमिचेड डाउनलोड की सुविधा के साथ शेयर कर सकते हैं। वैसे यह किसी फाइल को 15 दिन के बाद डिलीट कर देता है।
यह वेबसाइट फाइल्स स्टोर करने के लिए ट्रांसफर करने की सुविधा देती है। आप बिना रजिस्टर किए 5GB जबकि फ्री अकांउट से 30 GB तक फाइल शेयर कर सकते हैं। फाइल्स 24 घंटे में ही हटा दी जाती हैं। आपको एक अलग आईडी दी जाती है जिसके जरिए दूसरे शेयर की गई फाइल्स डाउनलोड कर सकते हैं।
नाम के नए फ्री ऐप के जरिए आप अपने ऑनलाइन दोस्त से 1GB तक की फाइल शेयर कर सकते हैं। साथ ही ऑफलाइन दोस्तों के लिए आप 100MB तक की फाइल पाइप के क्लाउड स्टोरेज में सेव कर सकते हैं।
स्काइप मेसेंजर पर बातचीत और वीडियो चैटिंग के अलावा इंस्टैंट मेसेज के जरिए फाइल्स भी शेयर की जा सकती हैं। इसके जरिए एक बार में 100MB तक की फाइल भेजी जा सकती है।
आप गूगल ड्राइव, ड्रॉपबॉक्स, बॉक्सडॉटनेट या स्काईड्राइव जैसी क्लाउड स्टोरेड साइट्स के जरिए भी चीजें शेयर कर सकते हैं। इसके लिए बस आपको फाइल या फोल्डर सेलेक्ट कर उसका ईमेल पता बताना होगा जिससे आप ये फाइल्स शेयर करना चाहते हैं।
WD मायबुक लाइव और सीगेट गोफ्लेक्स होम जैसे नेटवर्क ड्राइव डेटा बैकअप के साथ-साथ इंटरनेट पर फाइल्स ऐक्सेस करने के भी अच्छे ऑप्शन हैं। इसके लिए आप जिन फाइल्स को शेयर करना चाहते हैं, उनकी सेटिंग्स के जरिए उन्हें इंटरनेट पर ऐक्सेसिबल कर दें। फिर इन फाइल्स के लिंक और लॉग-इन डिटेल्स शेयर कर सकते हैं।
इन Tools के जरिए Computer से मैनेज करें Android डिवाइस
मोबोजीन सिर्फ विंडोज के लिए ही उपलब्ध है। इसका यूजर इंटरफेस काफी अच्छा है और आइकन भी बड़े हैं। इससे आप अपने फोन की स्टोरेज को ऐक्सेस करके मीडिया और फाइल्स को मैनेज कर सकते हैं। कॉन्टैक्टस और एसएमएस को भी मैनेज किया जा सकता है। आप कई सारे लोगों को फोन से पीसी के जरिए ही मेसेज भेज सकते हैं।
मोबोरोबो ऐंड्रॉयड और iOS दोनों तरह के डिवाइसेज को मैनेज कर सकता है। इसके जरिए आप आप अपने ऐंड्रॉयड डिवाइस में मौजूद कुल कॉन्टैक्ट्स, SMS और ऐप के नंबर देख सकते हैं। साथ ही मेन विंडो में फोन पर मौजूद मल्टि-मीडिया फाइल्स को भी देखा जा सकता है। बाकी बची बैटरी और स्टोरेज के बारे में भी इंडिकेशन मिल जाती है। आप पीसी के जरिए ही अपने डिवाइस का स्क्रीनशॉट लेकर उसे डेस्कटॉप पर सेव कर सकते हैं।
इस टूल का फ्री (लाइट) वर्ज़न लिमिटेड है और इसमें कुछ बेसिक फंक्शन ही परफॉर्म किए जा सकते हैं। आप केबल, वाई-फाई या ब्लूटूथ के जरिए अपने फोन को कनेक्ट कर सकते हैं।
यह ओपन सोर्स ऐंड्रॉयड मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर विंडोज, मैक और लिनक्स के लिए उपलब्ध है। इसका इंटरफेस बेहद बेसिक है, लेकिन इसके फीचर दूसरे टूल्स जैसे ही हैं।
अगर आपको लगता है कि AirDroid थोड़ा मुश्किल है तो इसे यूज कीजिए।
पॉप्युलर रिमोट सपोर्ट सॉफ्टवेयर टीमव्यूअर सैमसंग ऐंड्रॉयड फोन्स को भी सपोर्ट करकता है।
कैसे करें DND में रजिस्ट्रेशन (How to register in DND in Hindi)
इस कैटिगरी में वे लोग अपना नंबर रजिस्टर करवा सकते हैं, जो किसी भी तरह की कमर्शल कॉल रिसीव नहीं करना चाहते। वह 1909 पर कॉल या 'START 0' मेसेज कर सकते हैं।
2. रीयल एस्टेट
3. एजुकेशन
4. हेल्थ
5. कस्टमर गुड्स और ऑटोमोबाइल
6. कम्यूनिकेशन, ब्रॉडकास्टिंग, मनोरंजन और आईटी
7. टूरिज्म
रजिस्टर करने के 7 दिन बाद भी अगर कोई कमर्शल कॉल या मेसेज आता है, तो 1909 पर इसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
आप 1909 पर कॉल करें और वॉइस रिस्पॉन्स सिस्टम को फॉलो करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें, तो कस्टमर एग्जेक्युटिव से बात करके भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
1909 पर एक सेट फॉर्मैट में मेसेज करके भी आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फॉर्मैट इस तरह से है:
- आप जानकारी देने वाली किसी वेबसाइट से मदद मांगते हैं, तो आपको एसएमएस पर जानकारी लेने से पहले अपने नंबर को नॉन डीएनडी में कन्वर्ट कराना पड़ता है।
- कई वेबसाइट सब्स्क्राइब करते ही आपका नंबर नॉन डीएनडी में खुद ही कन्वर्ट कर देती हैं।
- अगर आपने किसी वेबसाइट के जरिए जानकारी लेने या कुछ खरीदने की कोशिश की है, तो वह आपका नंबर वेंडरों से बिना पूछे भी इन कंपनियों को दे देती हैं।
- अपना नंबर पोस्टपेड से प्रीपेड और प्रीपेड से पोस्टपेड कनवर्ट कराने पर भी आपको दोबारा डीएनडी में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है।
ट्राई के पूर्व प्रमुख नृपेंद मिश्रा ने कुछ सुझाव दिए, जो इस समस्या से निजात दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं:
- ऐक्शन लेने की समय सीमा निर्धारित की जाए।
- कंपनियों पर भी ऐक्शन न लेने पर पेनल्टी के अलावा और ऐक्शन लेने के विकल्पों पर विचार किया जाए।
- प्रमोशनल मेसेज करवाने वाले कस्टमर यानी थर्ड पार्टी पर भी जिम्मेदारी डालने के लीगल विकल्पों के बारे में सोचा जाए।
- टेलिकॉम कंपनियों को अपनी तरफ से भी कैंपेन चलाने चाहिए, जिससे लोग जागरुक होकर अधिक शिकायत करें।
ऐसे मात दें Cyber जासूसों को
हाल में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन ने रहस्य से पर्दा उठाया था कि अमेरिकी नैशनल सिक्युरिटी एजेंसी (एनएसए) दुनिया भर के (भारतीयों समेत) आम लोगों की इंटरनेट ऐक्टिविटी पर नजर रखे हुए है। उनके ईमेल, चैट, स्काइप पर हुई बातचीत, इंटरनेट डेटा स्टोरेज वेबसाइटों पर रखी फाइलों और उनके पर्सनल डेटा को ऐक्सेस किया जा रहा है। हमारी सरकार भी सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएस) के नाम से अपने नागरिकों की इंटरनेट गतिविधियों की निगरानी का सिस्टम लाने जा रही है। और तो और बहुत से हैकर्स और क्रिमिनल्स की नजरें भी आपके संदेशों पर हो सकती हैं। कोई नहीं चाहेगा कि इंटरनेट ब्राउजर खोलने के बाद वह जो कुछ भी करता है, उस पर कोई लगातार नजर रखे। इस सबके बावजूद इस तरह की जासूसी से बचना और इंटरनेट पर अपनी प्राइवेसी को बनाए रखना असंभव नहीं है। जिन कंपनियों के डेटा की मॉनिटरिंग की जा रही है, उनसे दूर रहकर या फिर वेब पर अपने संदेशों को एनक्रिप्ट (गुप्त भाषा में बदल कर) करके आप खुफिया आंख से बच सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आप डट कर साइबर जासूसी का मुकाबला कर सकते हैं:
ईमेल सर्विस बदलें
1. अगर आपके लिए जीमेल, आउटलुक.कॉम (पहले लाइव और हॉटमेल) और याहूमेल की ईमेल सेवा की तुलना में अपनी प्राइवेसी अधिक जरूरी है, तो ऐसी ईमेल सेवाओं को अपना लीजिए जो आपकी गतिविधियों, लोकेशन आदि को नोट नही करतीं। नीचे दी गईं साइट्स आपके संदेशों को इस तरह से भेजती हैं कि वे जासूसों से सुरक्षित रहें। hushmail तो आपके मेसेज को एनक्रिप्ट (उलटी- पुलटी मशीनी भाषा में बदलकर) करके भेजती है।
http://www.gmx.com/
https://mail.riseup.net/
http://www.hushmail.com/
ईमेल एनक्रिप्ट करें
अगर आप जीमेल, आउटलुक.कॉम और याहूमेल के साथ ही बने रहना चाहते हैं, तो अपने ईमेल्स को एनक्रिप्ट करके भेजना और रिसीव करना शुरू करें। कम से कम ऐसे संदेशों को जरूर एनक्रिप्ट करें, जो गोपनीय हैं और आपके लिए बहुत जरूरी हैं।
डाउनलोड करें: NBT का ऐंड्रॉयड ऐप
कैसे करें एनक्रिप्शन
एनक्रिप्शन के लिए ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। एनक्रिप्शन साइट्स पर दिए गए बॉक्स में अपना संदेश डालें और उसे एनक्रिप्ट करने के लिए अपनी पसंद का पासवर्ड बताकर बटन दबाएं। संदेश के एनक्रिप्ट हो जाने पर उसे कॉपी कर सामान्य ईमेल से भेज दें। बाद में रिसीव करने वाले को वही पासवर्ड बता दें। वह मेसेज को एनक्रिप्शन वाली वेबसाइट पर पेस्ट करने के बाद डिक्रिप्ट करके पढ़ सकेगा। कुछ एनक्रिप्शन साइट्स हैं -
http://infoencrypt.com/
http://www.everpassword.com/aes-encryptor
https://encipher.it/
गुमनाम ईमेल
कोई सीक्रेट मेल भेजने के लिए अपनी ईमेल सर्विस के बजाय ऐसी ईमेल सर्विस का इस्तेमाल करें, जो ईमेल अकाउंट बनाए बिना ही संदेश भेजने की सुविधा देती है। यहां आपकी पहचान, लोकेशन आदि दर्ज नहीं होती, इसलिए प्राइवेसी बनी रहती है। अपनी इंटरनेट सिक्युरिटी को और पुख्ता करना चाहते हैं, तो पहले अपने मेसेज को ऊपर बताए वेब पेजों पर एनक्रिप्ट कर लें और फिर इन ईमेल सेवाओं के जरिए भेजें। ऐसी कुछ ईमेल सर्विसेज़:
http://anonymouse.org/
https://www.silentsender.com/
http://www.5ymail.com/
कुछ देर का ईमेल
कुछ वेबसाइट्स आपको अस्थायी ईमेल अकाउंट की सुविधा देती हैं, जो कुछ देर के लिए एक्टिव रहता है। जहां आने के बाद आप 10 मिनट तक जितने चाहें मेसेज भेजें और उसके बाद अकाउंट डिलीट हो जाता है। जब आप खुद ही नहीं जानते कि आपका अकाउंट कहां गया, तो किसी और के लिए उसे खोजना नामुमकिन है। ऐसी ही एक ईमेल सर्विस है http://10minutemail.com
पर्सनल सर्वर
यदि आप कोई इंस्टिट्यूट चलाते हैं, जिसमें कई लोगों के ईमेल अकाउंट मौजूद हैं तो फ्री वेब मेल सर्विस के बजाय पर्सनल ईमेल सर्वर भी स्थापित कर सकते हैं, ताकि आप के सभी ईमेल मेसेज हिफाजत में रहें।
अगर न अपना सकें ये ऑप्शंस
यदि आप इनमें से किसी ऑप्शन को आजमाने की स्थिति में नहीं हैं, तो कम से कम अपने ईमेल मेसेज्स को जीमेल और याहूमेल के सर्वर पर स्टोर रखने के बजाय कंप्यूटर में डाउनलोड करना शुरू करें। यह पूरी तरह सुरक्षित तो नहीं है, लेकिन एकदम असुरक्षित होने से बेहतर है। ईमेल को डाउनलोड करने के लिए ईमेल क्लाइंट सॉफ्टवेयर का प्रयोग करें, जैसे विंडोज लाइव मेल, आउटलुक, मोजिला थंडरबर्ड आदि। ये सभी फ्री डाउनलोड किए जा सकते हैं।
क्लाउड भी नहीं है सेफ
आज-कल बहुत से लोग अपनी निजी फाइलों को माइक्रोसॉफ्ट स्काईड्राइव, गूगल ड्राइव, ड्रॉप बॉक्स आदि क्लाउड स्टोरेज वेबसाइटों पर सहेज कर रखते हैं। लेकिन यहां रखी पर्सनल और गोपनीय सामग्री तक सिर्फ उन्हीं की पहुंच हो, ऐसा नहीं है। एनएसए जैसी एजेंसियां जब चाहें इन्हें खंगाल सकती हैं। इन पर सहेजी जानेवाली सामग्री को एनक्रिप्ट करने के लिए http://www.cloudfogger.com/ से फ्री सॉफ्टवेयर इन्स्टॉल कर सकते हैं। आपके कंप्यूटर में इन्स्टॉल होने के बाद यह हर उस फाइल को 256 बिट एईएस पद्धति से एनक्रिप्ट कर देगा, जिसे आप क्लाउड स्टोरेज वेबसाइटों पर रखना चाहते हैं। इसी की मदद से उन्हें वापस डिक्रिप्ट करके आप इस्तेमाल कर सकते हैं। वैसे ही, जैसे जिप और अनजिप का प्रयोग करते हैं। ऐसी फाइलों को कोई अन्य शख्स डाउनलोड कर भी ले, तो पढ़ नहीं सकता।
इन्स्टैंट मेसेजिंग और विडियो चैट
गूगल चैट, स्काइप और गूगल टॉक जैसे सॉफ्टवेयर और सर्विसेज़ में प्राइवेसी सुरक्षित नहीं है, तो कोई बात नहीं। पियर-टु-पियर एनक्रिप्टेड विडियो कॉल्स के लिए स्काइप के बजाए जिट्सी (https://jitsi.org/) को डाउनलोड कर इस्तेमाल किया जा सकता है, जो किसी भी तरह की ताक-झांक के खतरे से फ्री है।
इसी तरह इन्स्टैंट मेसेजिंग के लिए एकदम सुरक्षित, फ्री चैट क्लाइंट पिडगिन (http://pidgin.im/) का इस्तेमाल करें जो सेफ तो है ही, ढेरों चैट सॉफ्टवेयर्स (गूगल टॉक, आइसीक्यू, एमएसएन, याहू आदि) का प्रयोग करने वाले यूजर्स के साथ चैट करने की सुविधा भी देता है। ऐसे ही कुछ और सॉफ्टवेयर हैं- http://bitwiseim.com/ और http://projectscim.com/
हमेशा रहें अलर्ट
- अपने कंप्यूटर में अच्छा ऐंटि-वायरस और ऐंटि-स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर (जैसे नॉर्टन, मैकेफी, कैस्परस्की, ट्रेंड माइक्रो आदि) इन्स्टॉल करके रखें और अपडेट करते रहें। फ्री उपलब्ध अवास्ट (http://www.avast.com)भी बहुत अच्छा ऐंटि-वायरस है।
- इंटरनेट यूज़ करते समय ब्राउजर में मौजूद प्राइवेसी सुविधा का प्रयोग करें। प्राइवेट ब्राउजिंग से विजिट किए गए इंटरनेट ठिकानों का ब्योरा कंप्यूटर में सेव नहीं किया होता।
क्रोम में Tools->New Incognito Window
इंटरनेट एक्स्प्लोरर में Safety->In-Private Browsing
फायरफॉक्स ब्राउज़र में File>New Private Window
-स्थायी रूप से ब्राउजर हिस्ट्री डिलीट करने का ऑप्शन भी अच्छा है। उन्हीं वेबसाइट्स का इस्तेमाल करें जो सिक्योर सर्वर लेयर (SOL) का प्रयोग करती हैं। इनमें डेटा फ्लो एनक्रिप्टेड तरीके से होता है। ऐसी वेबसाइट्स के वेब एड्रेस की शुरुआत https:// से होती है, http:// से नहीं, जो सामान्य वेबसाइट्स पर इस्तेमाल होता है।
Monday, July 20, 2015
Important काम के हैं ये free software
Egor Pavlov का 7 Zip पावरफुल फ्री जिपिंग सॉफ्टवेयर यूज करने के लिए एक अच्छा ऑप्शन है। यह कई तरह के जिप फॉरमेट (जैसे Rar U, Cab , Zip , WinZip , 7 z आदि) को खोल सकता है और Zip और 7 z फॉरमेट में फाइलें कंप्रेस कर सकता है। 7 z फॉरमेट में कंप्रेस्ड फाइलें जिप से छोटी होती हैं और स्पेस बचाती हैं। इतना ही नहीं, इसमें एनक्रिप्शन की सुविधा भी है। इसे यूज करने के लिए फाइल या फोल्डर्स पर राइट क्लिक करके Context मेन्यू खोलें और 7 Zip के साथ दिए ऑप्शन का यूज करें। 7 Zip यहां से डाउनलोड कर सकते हैं - sourceforge.net/projects/sevenzip
विंडोज में डिलीट की गई फाइलें डिलीट होने के बाद भी आपकी हार्ड डिस्क में मौजूद रहती हैं। शिफ्ट और डिलीट की को दबाकर डिलीट की गई फाइलें भी पूरी तरह सिस्टम से नहीं जातीं। वे तभी डिलीट होती हैं जब उनके स्पेस की जरूरत किसी दूसरी सामग्री को स्टोर करने के लिए पड़ती है। लेकिन अपनी जरूरी इंफर्मेशन और डेटा आदि से जुड़ी फाइलों को डिलीट करने के बाद आप नहीं चाहेंगे कि वे सिस्टम में मौजूद रहें और कोई दूसरा उन्हें किसी डेटा रिकवरी सॉफ्टवेयर की मदद से फिर रिस्टोर कर ले। ऐसी में आप eraser.heidi.ie की मदद ले सकते हैं जो आपकी सामग्री को हमेशा के लिए डिलीट कर देता है।
अपनी Pen-drive के Background पर अपनी पसंद का wallpaper लगाना
आज मै आपको बताता हु कि कैसे आप अपनी Pen-drive के Background पर अपनी पसंद का कोई भी फ़ोटो, वॉलपेपर लगा सकते है!
सबसे पहली आप Notepad खोलिए और निचे दिया गया कोड उसमे कॉपी करके पेस्ट कर दीजिये!
[.ShellClassInfo]
IconFile=%SystemRoot%\system32\SHELL32.dll
IconIndex=127
ConfirmFileOp=0
[{BE098140-A513-11D0-A3A4-00C04FD706EC}]
Attributes=1
IconArea_Image=“YourPictureName.jpg”
IconArea_Text=”0xFFFFFF”
VeBRA sources – don’t delete the tag above, it’s there for XXXXX purposes -
[ExtShellFolderViews]
{BE098140-A513-11D0-A3A4-00C04FD706EC}={BE098140-A513-11D0-A3A4-00C04FD706EC}
{5984FFE0-28D4-11CF-AE66-08002B2E1262}={5984FFE0-28D4-11CF-AE66-08002B2E1262}
[{5984FFE0-28D4-11CF-AE66-08002B2E1262}]
PersistMoniker=Folder.htt
PersistMonikerPreview=%WebDir%\folder.bmp
अब Notpad कि फ़ाइल को desktop.ini नाम से डेस्कटॉप पर Save कर दीजिये इसके बाद जिस फ़ोटो, वॉलपेपर को आप अपना Background बनाना चाहते है उसको भी Desktop पर सेव कीजिये!
अब Notepad कि फ़ाइल को दोबारा से Open कीजिये और जहा IconArea_Image=“YourPictureName.jpg” लिखा हुवा है वहाँ अपने फ़ोटो या वॉलपेपर का नाम लिख दीजिये!
उदहारण के लिए जैसे आपकी इमेज का नाम vijay है तो आप IconArea_Image= vijay.jpg लिखकर सेव कर दीजिये!
अब आप Notepad कि फ़ाइल और अपनी इमेज को अपनी Pen-drive के अंदर कॉपी करके पेस्ट कर दीजिये और राईट क्लिक करके Refresh कीजिये बस आप दखेंगे कि आपकी Pen-drive का Background बदल गया होगा!
इसी तरह आप अपने My Computer कि Disk C, D, E, F का भी Background बदल सकते है!
Free best and important software 9, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त
Unlocker
विंडोज़ पर कई बार आप किसी फाइल को डिलीट करने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसा हो नहीं पाता। विंडोज़ से मेसेज बॉक्स उभरता है कि यह फाइल इस या उस वजह से डिलीट नहीं की जा सकती। अनलाकर सॉफ्टवेयर की मदद से आप ऐसी ढीठ फाइलों से मुक्ति पा सकते हैं। यह पहले उन्हें अनलॉक करेगा और फिर आपसे पूछेगा कि क्या आप इसे डिलीट करना चाहते हैं? आपने हां किया नहीं कि फाइल डिलीट।
डाउनलोड पता: http://lockhunter.com/
Free best and important software 8, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त
FontViewOK
अगर आपने भी फॉन्ट्स का अच्छा-खासा कलेक्शन बना लिया है और अपने डॉक्युमेंट्स में आकर्षक फॉन्ट्स का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, तो सही वक्त पर सही फॉन्ट चुनने में खासी मशक्कत करते होंगे। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में फॉन्ट्स के नामों के साथ-साथ उनके डिजाइनों पर एक नजर डालने की व्यवस्था है, लेकिन इसमें और कोई फीचर्स नहीं हैं। जबकि इस सॉफ्टवेयर में आप अपनी पसंद का कोई भी टेक्स्ट अलग-अलग फॉन्ट्स में देखकर उनके बीच तुलना भी कर सकते हैं। इसके लिए सॉफ्टवेयर में दो अलग-अलग विंडोज़ भी बनाने की सुविधा है। एक तरफ एक फॉन्ट का टेक्स्ट और दूसरी तरफ दूसरे फॉन्ट का टेक्स्ट देखकर आप अपनी पसंद के फॉन्ट का चुनाव बेहतर ढंग से कर पाएंगे। इस सॉफ्टवेयर को पहली बार इस्तेमाल करते समय आपको अपने फॉन्ट्स की लोकेशन बतानी होती है, जो ज्यादातर विंडोज कंप्यूटरों में C:\Windows\Fonts होती है।
डाउनलोड पता : softwareok.com
Free best and important software 7, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त
Stickies
जॉर्न सॉफ्टवेयर का स्टिकी असल में स्टेशनरी की दुकान पर मिलने वाले पीले रंग के स्टिकी नोट्स (पोस्ट इट) पर आधारित है। अगर आप भी अधूरे पड़े कामों, जरूरी तारीखों, बैठकों आदि को भूल जाते हैं तो यह सॉफ्टवेयर इस समस्या को हल करने में मदद करेगा। आम सॉफ्टवेयर्स के उलट, स्टिकीज के जरिए बनी फाइलों को अलग से खोलने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि वे खुली हुई ही कंप्यूटर मॉनिटर की स्क्रीन पर चिपकी रहती हैं, मानो मॉनिटर पर जरूरी कामों की सूची लिखकर चिप्पी चिपका दी हो। इन चिप्पियों को आसानी से इधर-उधर खिसकाया, मिनीमाइज या बंद भी किया जा सकता है। आप उन्हें हमेशा खुला न रखना चाहें तो बंद कर दें और हर हफ्ते, महीने या तीन महीने में दिखाई देने की सेटिंग कर दें। दो बजे की बैठक की सूचना डेढ़ बजे चाहिए, तो डेढ़ बजे का वक्त तय कर दें, वह समय आते ही स्टिकी नोट स्क्रीन पर उभर जाएगा। यह सॉफ्टवेयर इन्स्टॉल करने के बाद आपको न किसी की बर्थडे भूलने की जरूरत रहेगी और न ही जरूरी काम।
डाउनलोड पता: zhornsoftware.co.uk/stickies
Free best and important software 5, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त
Update Checker
ज्यादातर सॉफ्टवेयर कंपनियां अपने प्रॉडक्ट्स के नए-नए वर्जन और अपडेट जारी करती हैं, लेकिन बहुत कम यूजर बार-बार उनकी वेबसाइट्स पर जाकर देखने का वक्त निकाल पाते हैं। इस लिहाज से Update Checker आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। यहां जाकर आप पता लगा सकते हैं कि आपकी जरूरत के सॉफ्टवेयर का कोई अपडेट तो नहीं आया।
डाउनलोड पता : filehippo.com/updatechecker
Free best and important software 4, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त
Revo Uninstaller
अगर आप विंडोज में इन्स्टॉल किए गए किसी सॉफ्टवेयर को हटाना चाहते हैं, तो कंट्रोल पैनल में प्रोग्राम्स सेक्शन में जाकर उसे अनइन्स्टॉल कर सकते हैं। लेकिन इस प्रोसेस में उस सॉफ्टवेयर से जुड़ी हुई सारी फाइलें नहीं हटतीं, कुछ फिर भी बची रह जाती हैं। रेवो अनइन्स्टॉलर यह काम बखूबी करता है। वह ऐसे सॉफ्टवेयरों से जुड़ीं तमाम फाइलों, फोल्डरों और सेटिंग्स को मिटा देता है। इसका फ्री वर्जन एक महीने तक सभी फीचर्स के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। रेवो आपके कंप्यूटर के स्टार्ट-अप के वक्त शुरू हो जाने वाले अनचाहे सॉफ्टवेयरों को रोकने और डिलीट करने में भी सक्षम है।
डाउनलोड पता: revouninstaller.com
Free best and important software 3, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त
Duplicate Files Searcher
अपनी फाइलों और फोल्डरों को सहेजने, बैक-अप लेने, दो कंप्यूटरों के बीच फाइलें लाते-ले जाते या कई बार कंप्यूटर फॉर्मैट करने के चलते आपके सिस्टम में कब एक ही फाइल की बहुत सारी कॉपीज़ हो जाती हैं, पता ही नहीं चलता। उनमें से कुछ बीच-बीच में एडिट भी हो जाती हैं, जबकि कुछ वैसी ही पड़ी रहती हैं। किसी समय जब एकदम सही फाइल की जरूरत पड़ती है, तो आप समझ ही नहीं पाते कि यह फाइल इस्तेमाल करें या वह। कौन-सी नई है, कौन-सी पुरानी, कौन-सी छोटी, कौन-सी बड़ी और कौन-सी सबसे ज्यादा अपडेटेड। इस समस्या का समाधान कर सकता है Duplicate Files Searcher, जो आपके सिस्टम में ड्यूप्लिकेट फाइलों को ढूंढता है, उनके बीच तुलना करता है, उन्हें खोलकर देखने का मौका देता है और गैरजरूरी फाइलों को डिलीट करने की सुविधा देता है। सब एक ही जगह से। सिर्फ हार्ड डिस्क ही क्यों, सीडी, पेन ड्राइव, डीवीडी आदि पर रखी फाइलों को भी यह दूसरी फाइलों के साथ कम्पेयर करके नतीजे दिखाता है। खास बात यह है कि अगर फाइलों के नाम अलग-अलग, मगर मैटर समान हो तो यह उसकी जानकारी भी दे सकता है।
डाउनलोड पता: tinyurl.com/3ubwjmg
Free best and important software 2, जो रखें विंडोज़ चुस्त-दुरुस्त
2. Malwarebytes
अगर आपको अपने कंप्यूटर में वायरस, स्पाइवेयर या किसी दूसरी किस्म की सिक्यॉरिटी समस्या के मौजूद होने का अंदेशा है, तो यह छोटा-सा टूल उसे दूर कर सकता है। अगर ऐसा नहीं भी है, तो इसे इन्स्टॉल करके आप भविष्य में वायरस, स्पाइवेयर या कीलॉगर जैसे खतरों से अपने कंप्यूटर को बचा सकते हैं। आकार में छोटा यह एक बहुत ही मजबूत सिक्यॉरिटी प्रोग्राम है, जो फ्री डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। अगर आपके सिस्टम में वायरस का इन्फेक्शन हो चुका है तो इसे किसी दूसरे सुरक्षित कंप्यूटर में डाउनलोड करें। इसके बाद इन्स्टॉलेशन फाइल को पेन ड्राइव में कॉपी कर लें और वहीं से डबल क्लिक करके इसे चलाएं। यह आपके सिस्टम में मौजूद मेलवेयर्स (नुकसानदेह सॉफ्टवेयर) का सफाया कर देगा। कई बार मेलवेयर प्रोग्राम इसे पहचानकर डिलीट करने की कोशिश भी कर सकते हैं, इसलिए सावधानी के तौर पर इसकी फाइल का नाम mbam.exe से बदलकर अपनी पसंद का कोई भी नाम कर लें। उसके बाद ही इसे चलाएं।
डाउनलोड पता: malwarebytes.org
Sunday, July 19, 2015
How to Make folder without any name in hindi
बिना नाम के फोल्डर कैसे बनायें ?
बिलकुल आप ऐसा कर सकते हैं
पर कैसे ?
इसके लिए आपको एक Invisible Character चाहिए जो दिखाई नही देता ।
सबसे पहले फोल्डर पर राईट क्लिक करें
और Rename चुने
अब Alt बटन दबाकर 0160 नंबर टाइप करें Enter दबाएँ .
ध्यान रहे नंबर टाइप करते समय Alt बटन दबाकर रखें .
Android में ऐसे लें contacts का स्मार्ट backup
- यहां राइट में Backup and Reset संबंधी ऑप्शन दिखाई देंगे।
- यहीं दिखने वाले Backup Account ऑप्शन पर टैप करें।
- यहां आपसे पूछा जाएगा कि आपके ऐंड्रॉयड कॉन्टैक्ट्स का डेटा इंटरनेट पर किस ईमेल अड्रेस में सहेजा जाना चाहिए।
- Add Account पर क्लिक करें।
- नया पेज Add a Google Account खुलेगा, जहां आप अपने पहले से मौजूद जीमेल या गूगल अकाउंट को चुन सकते हैं या नया अकाउंट बना सकते हैं।
- अब अपने अकाउंट में लॉग-इन (साइन-इन) करें। इसके लिए आपको ईमेल अड्रेस और पासवर्ड डालना होगा।
- अब नीचे दिए राइट साइड में तीर निशान पर टैप करें।
- इससे पहली बार सिंक्रनाइज़ेशन शुरू हो जाएगा।
- अगले पेज पर आपको बैकअप और रिस्टोर संबधी कुछ जरूरी सूचनाएं दिखाई जाएंगी। यहां राइट साइड वाले तीर निशान पर टैप करें। आपका गूगल अकाउंट ऐंड्रॉयड डेटा के बैकअप के लिए पूरी तरह तैयार है।
2. अब पर्सनल सेक्शन में देखें।
3. यहां बैकअप ऐंड रिसेट विकल्प दिखाई देगा। इसे क्लिक करें।
4. दाईं तरफ बैकअप माई डेटा दिखेगा। इसके सामने दिए चौकोर बॉक्स (ऑप्शन बॉक्स) को देखें।
5. हो सकता है कि यहां पर पहले से ही सही का निशान लगा हो, यानी यह पहले से ही सक्रिय हो।
6. यदि बॉक्स पर सही का निशान नहीं लगा है, तो यहां पर उंगली से टैप करके इसे सक्रिय कर दें।
7. याद रखें कि ऐसा करने से पहले आपकी ऐंड्रॉयड डिवाइस आपके गूगल अकाउंट से जुड़ी होनी चाहिए। आमतौर पर स्मार्टफोन खरीदने के बाद शुरुआत में ही आपसे अपना जीमेल या गूगल अकाउंट डालने के लिए कहा जाता है।
8. चाहें तो बैकअप ऐंड रिसेट सेक्शन में ही देख सकते हैं कि ऐंड्रॉयड डिवाइस किस गूगल अकाउंट से जुड़ा है और आपका बैकअप डेटा कहां सहेजा जाएगा।
9. आपने जिस बॉक्स को टिक करके सक्रिय किया था, उसके नीचे ही बैकअप अकाउंट नामक सूचना दिखाई देगी।
10. इसके नीचे दिए ऑटोमैटिक रिस्टोर बटन पर टिक कर दें। भविष्य में अगर आपका ऐंड्रॉइड डिवाइस बदलता है, तो इंटरनेट पर मौजूद गूगल अकाउंट से आपके कॉन्टैक्ट्स खुद-ब-खुद ऐंड्रॉयड फोन में आ जाएंगे।
2. यहां Google पर क्लिक करें।
3. दाईं तरफ आपके ऐंड्रॉयड डेटा और गूगल अकाउंट के बीच सिंक्रनाइज़ेशन की स्टेटस दिखाई जाएंगी। यदि सिंक्रनाइज़ेशन बंद है, तो उसे चालू करने के लिए लिंक पर क्लिक करें।
4. अब दाईं तरफ कई विकल्प खुलेंगे। इनमें ऐप डेटा से लेकर गूगल की कई सुविधाओं से जुड़े लिंक दिखाई देंगे।
5. इनमें से सिंक कॉन्टैक्ट्स लिंक पर क्लिक करें।
6. सिंक्रनाइज़ेशन की प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाएगी।
2. वहां लेफ्ट साइड में Google लिखा है, उसके ठीक नीचे Gmail लिखा दिखाई देगा।
3. इसी लिंक Gmail पर क्लिक करें तो कुछ और ऑप्शन दिखेंगे।
4. इनमें से Contacts पर क्लिक करें।
5. इससे नया पेज खुलेगा।
6. अगर आप पहली बार अपने कॉन्टैक्ट्स को देखने जा रहे हैं, तो आपसे इसकी इजाजत ली जाएगी। आपसे पूछा जाएगा कि क्या आपका फोन नंबर भारत का है? वहां Accept लिंक पर क्लिक करें।
7. अब लेफ्ट साइड में Contacts के नीचे My Contacts पर क्लिक करें। आपके ऐंड्रॉयड कॉन्टैक्ट्स की लिस्ट दिखाई देगी।
इतने स्टेप्स के बाद आपके ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन में मौजूद सभी कॉन्टैक्ट्स इंटरनेट पर आपके गूगल अकाउंट में भी सहेज दिए गए हैं। दोनों एक जैसे हैं और चूंकि आपने पहले ऑटोमैटिक सिंक्रनाइज़ ऑप्शन ऐक्टिव कर लिया था, इसलिए भविष्य में फोन के कॉन्टैक्ट्स लगातार इंटरनेट पर अपडेट होते रहेंगे।
2. अब Accounts में Google पर जाएं।
3. राइट साइड में आपका गूगल अकाउंट दिखाई देगा। इसके नीचे लिखा होगा कि आपके कॉन्टैक्ट्स का सिंक्रनाइज़ेशन स्टेटस क्या है। इस पर क्लिक करें।
4. राइट साइड में कुछ नए विकल्प खुलेंगे।
5. इनमें से Sync Contacts पर टैप करें। डेटा सिंक्रनाइज़ हो जाएगा, जिसका मतलब यह हुआ कि इंटरनेट पर मौजूद कॉन्टैक्ट लिस्ट की कॉपी जस की तस नए ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन पर आ जाएगी।
- अपने ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन पर कॉन्टैक्ट्स की सूची खोलिए। यहां मेन्यू बटन दबाइए और फिर दिखने वाले कई विकल्पों में से More विकल्प को चुनिए।