Monday, August 3, 2015

2G Speed ko 3G Speed me बदलने का जुगाड़

आज की कड़ी में जानिए कैसे 'जुगाड़' के ज़रिए भारत में खुद को 'डिजिटल' बना रहे हैं गांव-देहात के लोग।

'मुफ्त का 3-जी'

भारत के दूर दराज़ इलाकों में सबसे बड़ी समस्या है मोबाइल सिग्नल और इंटरनेट स्पीड।

अव्वल तो हर जगह मोबाइल टॉवर नहीं और टॉवर हैं भी तो स्पीड का कोई भरोसा नहीं। ऐसे में पेशे से किसान और तकनीक में रुचि रखने वाले गिरींद्रनाथ झा कैसे एक जुगाड़ के ज़रिए अपनी मुश्किलें आसान करते हैं? जानिए।

गिरींद्र बताते हैं, "जुगाड़ बेहद सीधा सा है। अपने मॉडम को एल्युमीनियम फॉयल में लपेट दीजिए और सिस्टम से कनेक्ट कर सर्च चालू कर दीज़िए। आपका डिवाइस जैसे ही इंटरनेट पकड़ेगा आप पाएंगे कि स्पीड पहले से कहीं बेहतर है।"

गिरींद्र कहते हैं, "कई बार हम इसके लिए दवा की एल्युमीनियम पैकिंग का इस्तेमाल भी करते हैं। जहां टूजी सिग्नल भी उपलब्ध नहीं वहां फॉयल लगाकर सर्फिंग लायक जुगाड़ हो ही जाता है। एक तरह से ये मुफ्त का 3-जी है। ये तरीक़ा आप गांव में कई जगह देखेंगे।"

रेडियो राघव!.......

रेडियो रिपेयरिंग की दुकान चलाने वाले राघव महतो ने साल 2003 में एक ऐसा जुगाड़ किया कि भारतभर में उसकी चर्चा हो गई।

पेशे से मकैनिक राघव ने बैटरी से चलने वाले एक टेप रिकॉर्डर से कुछ तार और एक कॉर्डलैस माइक्रोफोन जोड़कर रेडियो प्रसारण कर दिखाया।

राघव एफएम के नाम से मशहूर हुए रेडियो प्रसारण को 15 किलोमीटर के दायरे में सुना जा सकता था।

इस रेडियो किट को बनाने की लागत आई 50 रुपए।

रेडियो की बेहतर फ्रीक्वेंसी के लिए राघव ने इस्तेमाल किया अपने पड़ोस में बने अस्पताल की इमारत का।

इस इमारत पर लगे बांस के एक डंडे पर बंधे एंटीना ने राघव एफएम को घर-घर पहुंचाया और फरमाइशी गानों से लेकर, एचाईवी के प्रति जागरूकता, खोए बच्चों की जानकारी और मनोरंजन सबकुछ लोगों को परोसा गया।

पांच साल बाद कानूनी कारणों से ये रेडियो स्टेशन तो बंद हो गया, लेकिन राघव का ये जुगाड़ डिजिटल युग में बहुतों के काम आ रहा है।

राघव कहते हैं, "इस तकनीक के आधार पर मुझे कई जगह कम्युनिटी रेडियो शुरू करने का मौका मिला। मैंने बिहार और राजस्थान में कई लोगों के साथ काम किया। अब मैं बेहद कम क़ीमत और सीमित साधनों से पूरा रेडियो स्टेशन खड़ा कर सकता हूं।"

एक अदद बांस...

गांव का पठारी इलाका, नदी किनारे ऊंचा टीला और कुछ न मिले तो घना-ऊंचा पेड़। गांव में मोबाइल सिग्नल पकड़ने का ये जुगाड़ अब लगभग हर किसी की ज़िंदगी का हिस्सा बन गया है।

पूर्णिया के रहने वाले गिरींद्र बताते हैं, "ये एक तरह से गांव के इंटरनेट जोन हैं। हर किसी को पता रहता है कि गांव की वो कौन सी जगह है जहां सिग्नल अच्छा रहता है। किसी खास व्यक्ति से बात करनी हो, कोई ज़रूरी मेल हो, किसी का रिज़ल्ट देखना हो तो हर कोई इन इलाकों की तरफ दौड़ता है।"

सिग्नल से जुड़ा एक दूसरा जुगाड़ जो हर कहीं नज़र आता है वो है बांस पर लगे मॉडम और डॉंगल। जितना ऊंचा बांस उतना बेहतर सिग्नल।

लंबे से लंबे तार इस्तेमाल कर लोग एक अदद बांस के ज़रिए देश-दुनिया से अपना कनेक्शन जोड़ते हैं।

सीजीनेट स्वर ऐप

छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के कई इलाकों में मोबाइल फोन के ज़रिए स्थानीय खबरें रिपोर्ट करने वाला पोर्टल है सीजीनेट स्वर।

खबरें जुटाने और प्रकाशित करने का तरीक़ा बेहद आसान है। मोबाइल के ज़रिए खबर, तस्वीरें और आवाज़ रिकॉर्ड कर पोर्टल पर सीधे अपलोड की जा सकती हैं, लेकिन इस सबके के लिए ज़रूरी है इंटरनेट कनेक्शन, जो गांवों में अक्सर मौजूद नहीं होता।

इस समस्या का हल निकालने के लिए सीजीनेट टीम ने एक ऐप बनाया।

सीजीनेट टीम से जुड़ी कृतिका बताती हैं, "सीजीनेट से जुड़े गांव-गांव के जन-पत्रकार फ़ोन पर ही खबरें जुटाते और भेजते हैं। समस्या ये थी कि हर जगह इंटरनेट नहीं था और गांव से निकल कर लगातार सिग्नल पlaर नज़र रखने में काफी समय बर्बाद होता था। मैंने एक ऐप बनाया जिसके ज़रिए आवाज़ें, खबर और तस्वीरें फोन में एक जगह रिकॉर्ड की जा सकें और सिग्नल वाले इलाके में पहुंचते ही वो पोर्टल पर आपने आप अपलोड हो जाएं।"

कुल मिलाकर इस ऐप के ज़रिए फोन रिकॉर्ड का काम करता है और सिग्नल आने पर अपलोडिंग आसान हो जाती है।

Amar ujala

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Facebook के कूल Tricks आप ho jayenge हैरान

फेसबुक के कूल ट्रिक्स
फेसबुक पर आप कुछ नया करने की क्यों नहीं सोचते?
आइए, आपको कुछ तरीके बताते हैं जिससे आपका फेसबुक पेज दूसरों के मुक़ाबले अलग दिखेगा।
अपने स्टेटस मैसेज लिखते समय आप अपना फ़ॉन्ट बदल सकते हैं। इस पेज पर जाकर आपको अपनी पसंद का फ़ॉन्ट चुनना पड़ेगा।
जो भी फ़ॉन्ट आपने पसंद किया है उसमें अपना स्टेटस मैसेज लिख लीजिए। उसको कॉपी करके अपने स्टेटस मैसेज में पेस्ट कर दीजिए।
यहां पर जो आप टाइप कर रहे हैं उसको आप अपने फेसबुक चैट में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
आपके दोस्त ढूंढते रह जाएंगे कि आपने कैसे अपना फ़ॉन्ट बदल दिया है।
अगर आप ये नहीं चाहते हैं कि फेसबुक आपको ट्रैक करे या आपके लोकेशन के बारे में जानकारी रखे तो आप फेसबुक डिसकनेक्ट डाउनलोड कर सकते हैं।
क्रोम और फ़ायरफ़ॉक्स दोनों पर ये काम करता है।
विज्ञापन भी रोकना संभव
फेसबुक आपके लोकेशन पर हर समय नज़र रखता है। कुछ लोगों को ये पसंद नहीं है।
लोकेशन और ब्राउज़िंग हिस्ट्री की मदद से फेसबुक आपको विज्ञापन दिखाता है।
अगर आप अपने फेसबुक पेज पर विज्ञापन से परेशान हैं तो क्रोम एक्सटेंशन की मदद से आप फेसबुक पर उन्हें भी रोक सकते हैं।
फेसबुक एडब्लॉक एक्सटेंशन ख़ास आप जैसे लोगों के लिए बनाया गया है। बस इस एक्सटेंशन को डाउनलोड करके इन्स्टॉल कीजिए।
इन्स्टॉल करने के बाद आप विज्ञापन को रोक सकते हैं और स्क्रीन की दाईं तरफ जो विज्ञापन आपको हमेशा दिखाई देते हैं वो गायब हो जाएंगे।
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Friday, July 31, 2015

Android Awesome Tricks

1. "Never heard of her"
If you need to delete all mentions of ex-partners from your phone, the dictionary can be edited - go to Settings > Language and Keyboard > User Dictionary to clean up your typing history.
2. Speak the Queen's English
If you're fed up of the bizarre accent of the Maps Navigation voice, there's an English variant - go to Menu > Settings > Text to Speech > and tick the box to use your own settings. Now you're able to have an English accent. Much better for navigating the M25.
3. Delete fat Android apps
If you're running low on internal memory space, your apps can be sorted by size - and big ones binned to make space. Head off to Settings > Applications > Manage Applications and press Menu to filter them by memory use.
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Wednesday, July 22, 2015

Internet पर free में सीखें ये 7 चीजें

इंटरनेट पर फ्री में सीखें ये 7 चीजें
फटॉग्रफी
फटॉग्रफी के बेसिक्स सीखने के लिए Photography course साइट पर जाइए। photo.net/learn पर आपको प्रफेशनल्स के ट्यूटोरियल और आर्टिकल मिलेंगे। फटॉग्रफी की टर्मिनॉलजी सीखने के लिए आप Glossary देख सकते हैं।
कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग
जावा स्क्रिप्ट, पीएचपी, जेक्वेरी, पायथन और रूबी सीखने के लिए आप कोड अकैडमी पर जा सकते हैं। यहां आपको सब मिल जाएगा।
नई भाषाएं
इंटरनेट पर आप कई सारी भाषाएं भी सीख सकते हैं। ओपन कल्चर पर शुरू किए गए कोर्स अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, पुर्तगाली या इटैलियन भाषा सीखने के लिए काफी फायदेमंद हैं।
कुकिंग
कुकिंग में सारा खेल छोटी-छोटी टिप्स का होता है जो आपको सिम्पली रेसिपीज़ नाम की साइट से आसानी से मिल जाती हैं। रिलक्टंट गॉरमेट एक दूसरी साइट है जहां से आप कुछ और टेकनीक्स सीख सकते हैं।
आर्टिस्टिक स्किल्स
अगर आपको कला का शौक है तो आप आर्टी फैक्ट्री से कला के गुर सीख सकते हैं। द वर्चुअल इंस्ट्रक्टर पर भी काफी सामग्री मौजूद है जो मददगार साबित हो सकती है। अगर सिर्फ ड्रॉइंग से आगे बढ़ना चाह रहे हैं तो इंस्ट्रक्टेबल्स पर जा सकते हैं।
सेल्फ डिफेंस
यहां मास्टर लेवल की तो नहीं पर आप कुछ बेसिक मार्शल आर्ट और सेल्फ डिफेंस ट्रिक्स सीख सकते हैं। लाइफहैकर की वन पेज गाइड आपको आत्मरक्षा के बेसिक्स सिखाकर आगे की ट्रेनिंग के लिए तैयार कर सकती है।
डांस
ऑनलाइन अपनी डांसिंग स्किल्स पर काम करने के लिए आप सबसे पहले यूट्यूब पर विडियो देखकर प्रैक्टिस करें। उसके बाद डांस टु दिस पर जाकर अलग-अलग डांस फॉर्म्स की डीटेल्स सीखें।
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Laptop की बैटरी लाइफ बढ़ाने के 6 Tips

लैपटॉप की बैटरी लाइफ बढ़ाने के 6 टिप्स
हम में से ज्यादातर लोग अपने लैपटॉप की बैटरी जल्द खत्म हो जाने से परेशान रहते हैं। आइए आपको बताते हैं लैपटॉप की बैटरी लाइफ बढ़ाने के 6 तरीके। आगे क्लिक करिए.
स्मार्टफोन की तरह लैपटॉप की स्क्रीन बैटरी का बड़ा हिस्सा खाती है। ब्राइटनेस लेवल कम से कम रखिए। अगर जरूरत न हो, तो कीबोर्ड की बैकलाइट भी ऑफ कर दीजिए।
यूएसबी पोर्ट में लगे एक्सटर्नल डिवाइसेज़ लैपटॉप की बैटरी से ही पावर लेते हैं। जरूरत न हो, तो इन्हें लैपटॉप से निकाल दीजिए।

लैपटॉप के ज्यादा गर्म होने की वजह से इंटरनल फैन्स को ज्यादा तेज चलता पड़ता है, जिससे बैटरी ज्यादा खर्च होती है। अधिकतर लैपटॉप कूलिंगपैड भी लैपटॉप से ही पावर लेते हैं। लैपटॉप को ठंडी जगह पर रखिए। कोशिश करिए कि लैपटॉप का ज्यादातर हिस्सा (खासकर निचला हिस्सा) हवा के संपर्क में रहे।
स्टैंडबाई की जगह अपने लैपटॉप को हाइबरनेट करिए। हाइबरनेशन में आपका लैपटॉप जस का तस रखते हुए स्लीप मोड में चला जाता है और बैटरी बचाता है।
विंडोज़ पर चलने वाले लैपटॉप में बिल्ट-इन पावर प्लान सेटिंग होती है। आप यहां कई चीजें चुन सकते हैं, जैसे कि डिस्प्ले, हार्ड डिस्क और यूएसबी पावर कब ऑफ हों।
बैटरी से जुड़े कई ऐप्लिकेशन मौजूद हैं। ये बैटरी डिस्चार्ज साइकल बताते हैं। ये सीपीयू और हार्डड्राइव का टेंपरेचर भी बताते हैं, जिससे ओवरहीटिंग का पता चलता है।
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