Wednesday, July 22, 2015

कैसे करें DND में रजिस्ट्रेशन (How to register in DND in Hindi)

टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के अनुसार कोई भी मोबाइल या लैंडलाइन फोन इस्तेमाल करने वाला सब्स्क्राइबर अनचाहे कॉल और मेसेज को रोक सकता है।
इस तरह की परेशानी से बचने के लिए ट्राई ने दो तरह की ब्लॉक कैटिगरी बनाई हैं।
फुल ब्लॉक कैटिगरी
इस कैटिगरी में वे लोग अपना नंबर रजिस्टर करवा सकते हैं, जो किसी भी तरह की कमर्शल कॉल रिसीव नहीं करना चाहते। वह 1909 पर कॉल या 'START 0' मेसेज कर सकते हैं।
अगर आपको किसी खास कैटिगरी के मेसेज और कॉल चाहिए, तो वह इस ऑप्शन को चुन सकता है। फिलहाल ऐसी 7 कैटिगरी हैं।
1. बैंकिंग, इंश्योरेंस,फाइनैंशल प्रॉडक्ट्स और क्रेडिट कार्ड
2. रीयल एस्टेट
3. एजुकेशन
4. हेल्थ
5. कस्टमर गुड्स और ऑटोमोबाइल
6. कम्यूनिकेशन, ब्रॉडकास्टिंग, मनोरंजन और आईटी
7. टूरिज्म
आपको जिन कैटिगरी से जुड़े कमर्शल कॉल और मेसेज चाहिए, तो START के बाद उस कैटिगरी का नंबर डाल कर 1909 पर मेसेज करें। जैसे अगर आपको हेल्थ और ऑटोमोबाइल पर सर्विस चाहिए तो लिखें 'START 45' और 1909 पर भेजें। अब आपको इनके अलावा दूसरी तरह के एसएमएस नहीं आएंगे। रजिस्ट्रेशन सफल होने पर 24 घंटे के अंदर आपको एक यूनीक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा। इसके प्रभावी होने में 7 दिन का समय लगता है। अपने नंबर का स्टेटस http://www.nccptrai.gov.in/nccpregistry/search.misc पर जाकर देखें।
कैसे करें शिकायत
रजिस्टर करने के 7 दिन बाद भी अगर कोई कमर्शल कॉल या मेसेज आता है, तो 1909 पर इसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
कॉल करके शिकायत करें
आप 1909 पर कॉल करें और वॉइस रिस्पॉन्स सिस्टम को फॉलो करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें, तो कस्टमर एग्जेक्युटिव से बात करके भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
मेसेज करके शिकायत करें
1909 पर एक सेट फॉर्मैट में मेसेज करके भी आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फॉर्मैट इस तरह से है:
"COMP TEL NO XXXXXXXXXX, dd/mm/yy, Time hh:mm"
इसमें XXXXXXXXXX का मतलब वह नंबर है, जहां से इस तरह के कॉल आ रहे हैं। आपको कंप्लेंट दर्ज हो जाने की जानकारी एक यूनीक कंप्लेंट नंबर के मेसेज से दे दी जाएगी। शिकायत के 7 दिन के अंदर आपको शिकायत पर कार्रवाई की सूचना दी जाएगी।
डीएनडी कैसे बन जाता है नॉन डीएनडी
- आप जानकारी देने वाली किसी वेबसाइट से मदद मांगते हैं, तो आपको एसएमएस पर जानकारी लेने से पहले अपने नंबर को नॉन डीएनडी में कन्वर्ट कराना पड़ता है।
- कई वेबसाइट सब्स्क्राइब करते ही आपका नंबर नॉन डीएनडी में खुद ही कन्वर्ट कर देती हैं।
- अगर आपने किसी वेबसाइट के जरिए जानकारी लेने या कुछ खरीदने की कोशिश की है, तो वह आपका नंबर वेंडरों से बिना पूछे भी इन कंपनियों को दे देती हैं।
- अपना नंबर पोस्टपेड से प्रीपेड और प्रीपेड से पोस्टपेड कनवर्ट कराने पर भी आपको दोबारा डीएनडी में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है।
ऐसे सुधरेंगे हालात
ट्राई के पूर्व प्रमुख नृपेंद मिश्रा ने कुछ सुझाव दिए, जो इस समस्या से निजात दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं:
- ट्राई लगातार ऐसे नंबरों का सर्वे-सैंपलिंग करे और समय-समय पर टेलिकॉम कंपनियों को ऐक्शन लेने के लिए कहे।
- ऐक्शन लेने की समय सीमा निर्धारित की जाए।
- कंपनियों पर भी ऐक्शन न लेने पर पेनल्टी के अलावा और ऐक्शन लेने के विकल्पों पर विचार किया जाए।
- प्रमोशनल मेसेज करवाने वाले कस्टमर यानी थर्ड पार्टी पर भी जिम्मेदारी डालने के लीगल विकल्पों के बारे में सोचा जाए।
- टेलिकॉम कंपनियों को अपनी तरफ से भी कैंपेन चलाने चाहिए, जिससे लोग जागरुक होकर अधिक शिकायत करें।
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ऐसे मात दें Cyber जासूसों को

हाल में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन ने रहस्य से पर्दा उठाया था कि अमेरिकी नैशनल सिक्युरिटी एजेंसी (एनएसए) दुनिया भर के (भारतीयों समेत) आम लोगों की इंटरनेट ऐक्टिविटी पर नजर रखे हुए है। उनके ईमेल, चैट, स्काइप पर हुई बातचीत, इंटरनेट डेटा स्टोरेज वेबसाइटों पर रखी फाइलों और उनके पर्सनल डेटा को ऐक्सेस किया जा रहा है। हमारी सरकार भी सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएस) के नाम से अपने नागरिकों की इंटरनेट गतिविधियों की निगरानी का सिस्टम लाने जा रही है। और तो और बहुत से हैकर्स और क्रिमिनल्स की नजरें भी आपके संदेशों पर हो सकती हैं। कोई नहीं चाहेगा कि इंटरनेट ब्राउजर खोलने के बाद वह जो कुछ भी करता है, उस पर कोई लगातार नजर रखे। इस सबके बावजूद इस तरह की जासूसी से बचना और इंटरनेट पर अपनी प्राइवेसी को बनाए रखना असंभव नहीं है। जिन कंपनियों के डेटा की मॉनिटरिंग की जा रही है, उनसे दूर रहकर या फिर वेब पर अपने संदेशों को एनक्रिप्ट (गुप्त भाषा में बदल कर) करके आप खुफिया आंख से बच सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आप डट कर साइबर जासूसी का मुकाबला कर सकते हैं:

ईमेल सर्विस बदलें
1. अगर आपके लिए जीमेल, आउटलुक.कॉम (पहले लाइव और हॉटमेल) और याहूमेल की ईमेल सेवा की तुलना में अपनी प्राइवेसी अधिक जरूरी है, तो ऐसी ईमेल सेवाओं को अपना लीजिए जो आपकी गतिविधियों, लोकेशन आदि को नोट नही करतीं। नीचे दी गईं साइट्स आपके संदेशों को इस तरह से भेजती हैं कि वे जासूसों से सुरक्षित रहें। hushmail तो आपके मेसेज को एनक्रिप्ट (उलटी- पुलटी मशीनी भाषा में बदलकर) करके भेजती है।
http://www.gmx.com/
https://mail.riseup.net/
http://www.hushmail.com/

ईमेल एनक्रिप्ट करें
अगर आप जीमेल, आउटलुक.कॉम और याहूमेल के साथ ही बने रहना चाहते हैं, तो अपने ईमेल्स को एनक्रिप्ट करके भेजना और रिसीव करना शुरू करें। कम से कम ऐसे संदेशों को जरूर एनक्रिप्ट करें, जो गोपनीय हैं और आपके लिए बहुत जरूरी हैं।

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कैसे करें एनक्रिप्शन
एनक्रिप्शन के लिए ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। एनक्रिप्शन साइट्स पर दिए गए बॉक्स में अपना संदेश डालें और उसे एनक्रिप्ट करने के लिए अपनी पसंद का पासवर्ड बताकर बटन दबाएं। संदेश के एनक्रिप्ट हो जाने पर उसे कॉपी कर सामान्य ईमेल से भेज दें। बाद में रिसीव करने वाले को वही पासवर्ड बता दें। वह मेसेज को एनक्रिप्शन वाली वेबसाइट पर पेस्ट करने के बाद डिक्रिप्ट करके पढ़ सकेगा। कुछ एनक्रिप्शन साइट्स हैं -

http://infoencrypt.com/
http://www.everpassword.com/aes-encryptor
https://encipher.it/

गुमनाम ईमेल
कोई सीक्रेट मेल भेजने के लिए अपनी ईमेल सर्विस के बजाय ऐसी ईमेल सर्विस का इस्तेमाल करें, जो ईमेल अकाउंट बनाए बिना ही संदेश भेजने की सुविधा देती है। यहां आपकी पहचान, लोकेशन आदि दर्ज नहीं होती, इसलिए प्राइवेसी बनी रहती है। अपनी इंटरनेट सिक्युरिटी को और पुख्ता करना चाहते हैं, तो पहले अपने मेसेज को ऊपर बताए वेब पेजों पर एनक्रिप्ट कर लें और फिर इन ईमेल सेवाओं के जरिए भेजें। ऐसी कुछ ईमेल सर्विसेज़:

http://anonymouse.org/
https://www.silentsender.com/
http://www.5ymail.com/

कुछ देर का ईमेल
कुछ वेबसाइट्स आपको अस्थायी ईमेल अकाउंट की सुविधा देती हैं, जो कुछ देर के लिए एक्टिव रहता है। जहां आने के बाद आप 10 मिनट तक जितने चाहें मेसेज भेजें और उसके बाद अकाउंट डिलीट हो जाता है। जब आप खुद ही नहीं जानते कि आपका अकाउंट कहां गया, तो किसी और के लिए उसे खोजना नामुमकिन है। ऐसी ही एक ईमेल सर्विस है http://10minutemail.com

पर्सनल सर्वर
यदि आप कोई इंस्टिट्यूट चलाते हैं, जिसमें कई लोगों के ईमेल अकाउंट मौजूद हैं तो फ्री वेब मेल सर्विस के बजाय पर्सनल ईमेल सर्वर भी स्थापित कर सकते हैं, ताकि आप के सभी ईमेल मेसेज हिफाजत में रहें।

अगर न अपना सकें ये ऑप्शंस
यदि आप इनमें से किसी ऑप्शन को आजमाने की स्थिति में नहीं हैं, तो कम से कम अपने ईमेल मेसेज्स को जीमेल और याहूमेल के सर्वर पर स्टोर रखने के बजाय कंप्यूटर में डाउनलोड करना शुरू करें। यह पूरी तरह सुरक्षित तो नहीं है, लेकिन एकदम असुरक्षित होने से बेहतर है। ईमेल को डाउनलोड करने के लिए ईमेल क्लाइंट सॉफ्टवेयर का प्रयोग करें, जैसे विंडोज लाइव मेल, आउटलुक, मोजिला थंडरबर्ड आदि। ये सभी फ्री डाउनलोड किए जा सकते हैं।

क्लाउड भी नहीं है सेफ
आज-कल बहुत से लोग अपनी निजी फाइलों को माइक्रोसॉफ्ट स्काईड्राइव, गूगल ड्राइव, ड्रॉप बॉक्स आदि क्लाउड स्टोरेज वेबसाइटों पर सहेज कर रखते हैं। लेकिन यहां रखी पर्सनल और गोपनीय सामग्री तक सिर्फ उन्हीं की पहुंच हो, ऐसा नहीं है। एनएसए जैसी एजेंसियां जब चाहें इन्हें खंगाल सकती हैं। इन पर सहेजी जानेवाली सामग्री को एनक्रिप्ट करने के लिए http://www.cloudfogger.com/ से फ्री सॉफ्टवेयर इन्स्टॉल कर सकते हैं। आपके कंप्यूटर में इन्स्टॉल होने के बाद यह हर उस फाइल को 256 बिट एईएस पद्धति से एनक्रिप्ट कर देगा, जिसे आप क्लाउड स्टोरेज वेबसाइटों पर रखना चाहते हैं। इसी की मदद से उन्हें वापस डिक्रिप्ट करके आप इस्तेमाल कर सकते हैं। वैसे ही, जैसे जिप और अनजिप का प्रयोग करते हैं। ऐसी फाइलों को कोई अन्य शख्स डाउनलोड कर भी ले, तो पढ़ नहीं सकता।

इन्स्टैंट मेसेजिंग और विडियो चैट
गूगल चैट, स्काइप और गूगल टॉक जैसे सॉफ्टवेयर और सर्विसेज़ में प्राइवेसी सुरक्षित नहीं है, तो कोई बात नहीं। पियर-टु-पियर एनक्रिप्टेड विडियो कॉल्स के लिए स्काइप के बजाए जिट्सी (https://jitsi.org/) को डाउनलोड कर इस्तेमाल किया जा सकता है, जो किसी भी तरह की ताक-झांक के खतरे से फ्री है।

इसी तरह इन्स्टैंट मेसेजिंग के लिए एकदम सुरक्षित, फ्री चैट क्लाइंट पिडगिन (http://pidgin.im/) का इस्तेमाल करें जो सेफ तो है ही, ढेरों चैट सॉफ्टवेयर्स (गूगल टॉक, आइसीक्यू, एमएसएन, याहू आदि) का प्रयोग करने वाले यूजर्स के साथ चैट करने की सुविधा भी देता है। ऐसे ही कुछ और सॉफ्टवेयर हैं- http://bitwiseim.com/ और http://projectscim.com/

हमेशा रहें अलर्ट
- अपने कंप्यूटर में अच्छा ऐंटि-वायरस और ऐंटि-स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर (जैसे नॉर्टन, मैकेफी, कैस्परस्की, ट्रेंड माइक्रो आदि) इन्स्टॉल करके रखें और अपडेट करते रहें। फ्री उपलब्ध अवास्ट (http://www.avast.com)भी बहुत अच्छा ऐंटि-वायरस है।

- इंटरनेट यूज़ करते समय ब्राउजर में मौजूद प्राइवेसी सुविधा का प्रयोग करें। प्राइवेट ब्राउजिंग से विजिट किए गए इंटरनेट ठिकानों का ब्योरा कंप्यूटर में सेव नहीं किया होता।
क्रोम में Tools->New Incognito Window
इंटरनेट एक्स्प्लोरर में Safety->In-Private Browsing
फायरफॉक्स ब्राउज़र में ​File>New Private Window

-स्थायी रूप से ब्राउजर हिस्ट्री डिलीट करने का ऑप्शन भी अच्छा है। उन्हीं वेबसाइट्स का इस्तेमाल करें जो सिक्योर सर्वर लेयर (SOL) का प्रयोग करती हैं। इनमें डेटा फ्लो एनक्रिप्टेड तरीके से होता है। ऐसी वेबसाइट्स के वेब एड्रेस की शुरुआत https:// से होती है, http:// से नहीं, जो सामान्य वेबसाइट्स पर इस्तेमाल होता है।

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Tuesday, July 21, 2015

Turbo c++ Tricks and tips

Turbo c++ Tricks

We can't paste content directly into C++ and C by coping and pasting it. So here's a easy trick to do so WITHOUT ANY SOFTWARE. Just follow few easy steps:

1>>Write anything in Turboc and save it(take any name say mixworld) in Bin Folder.

2>>Copy the content you wanna paste in program.

3>>Then go to the folder 'Bin' as in this folder that file is saved.

4>>There are two to three files of that name in that folder.

5>>Checkout the properties of those files and find out the file having type 'C++ source'.

6>>Now just open it with notepad(Right click on it->Open with->Choose Notepad) and paste your content there and save it.

Now open that file in Turboc and you will see the copied content in the program..BiNg0..!!.. ;)
3 Tricks to Run Turbo C++ Fullscreen In Windows 7

When you try to run turbo c++ IDE on latest version of windows like Windows7 or Vista, you may get the error message that 'The system does not support full screen mode. Choose close to terminate the application.'
The problem is that turbo C is very old DOS program. It's better to move on to an up to date compiler like visual c++ Express which is free and you certainly would have a better experience.

Anyway if you are up with turbo c++ and used to it, I have 3 tricks to run it full screen on windows7 and vista. The tricks can be simply classified based on which works on all versions of windows7 and one which only works under Windows 7 Enterprise, Windows 7 Professional, and Windows 7 Ultimate.

Technique 1

Log on to windows7 in safe mode. In safe mode the application running capabilities of an operating system is low and this mode is used as trouble fixing for OS. But this method is much simpler and you only need to log on to safe mode by pressing F8 on start up.
By summarizing the steps:
Install turbo C++
Start windows7 in safe mode.
Execute turbo C++
Technique 2

By Disabling your graphics adapter.  This trick is done by just uninstalling the graphics driver. To do that
Right click on My Computer, click Properties
Select Device manager->Display Adapters
Identify the display adapter of your computer, and uninstall.
You should try this trick only if you do not use your computer for Graphic related operations like playing multimedia games.By this trick graphics would look vulgar but you can run C++ in full screen.

Technique 3

By using DOSBox software. It is an  open source DOS emulator for BeOS, Linux, Mac OS X, OS/2, and Windows. This tool is primarily intended to play DOS games on windows7 but here we can use it run turbo C++ in Full screen mode.

Download DOSBox frome here. (for windows)
Install and run the DOSBox.
Now a command prompt type window will appear. We need to mount TC folder.
              Just type “mount c: c:/tc” and press enter.
Assumed that Turbo C++ is installed in C drive and TC folders located at C:\TC
You may get a message that 'Drive C is mounted as local directory C:/TC\'
Change the directory to C/BIN/tc.exe. To do that, please follow the steps as shown in the below screen shot.

Now the Turbo C++ will open in DOSBox. Press ALT+ENTER  to toggle between full screen and mini screen.

By applying the above 3 tricks, you can run C compiler on full screen mode in windows 7.

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Scientific Calculator Tricks

Here you can tell me some calculator tricks!

Here are A LOT of tricks (type the number then turn your calculator upside down):
List of letters/numbers:
0 - O
1 - I
2 - Z
3 - E
4 - h
5 - S
6 - P
7 - L
8 - B
9 - G
7735 - sell
77165 - spill
77345993 - EGGSHELL
40404 - HOHOHO
312217 - lizzie
30175 - SLIDE
817 - LIB
5907 - LOGS
0.7734 - HELLO
14 - HI
5379909 - GOGGLES
379009 - GOOGLE
53177187714 - HILLBILLIES
1134206 - GO2HELL
5317 - LIES
3080 - OBOE
53045 - SHOES
710.77345 - SHELLOIL
58008 - BOOBS
5318008 - BOOBIES
55378008 - BOOBLESS
8008318008 - BOOBIEBOOB
58008618 - BIGBOOBS
5537 - LESS
839 - BEG
31041134 - HELLHOLE
707 - LOL
307080 - HOBOJOE
.0804 - HOBO
345 - SHE
0.02 - ZOO
34 - HE
214 - his
7714 - hill
7734 - hell
30175 - GLIDE
0.9 - go
738051 - isobel
31773 - ellie
0375 - sled
0.637 - lego

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Monday, July 20, 2015

Photoshop Tricks 6

47. Unlink layers and masks

You can move either a mask or an image independently of one another by clicking the link between the two thumbnails in the Layers Panel. Highlight the thumbnail you want to reposition, then grab the Move tool.

48. Quick copy
Hold down Alt and drag a mask, style or layer to
quickly duplicate it.

49. Convert the Background
Double-click the Background Layer and hit OK to convert it to an editable layer

50. Adjustments
Always use Adjustment Layers rather than directly editing a layer. This gives you three advantages: you can edit it at any time, control the strength with Opacity, and use a mask to make it work selectively.
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